टमाटर के रेट में भारी गिरावट, आढ़तियों में रोष

5/23/2020 11:33:57 AM

चंडीगढ़ (राजिंद्र शर्मा) ;  शहर में सबसे ज्यादा वायरस की मार टमाटर पर पड़ी है। आईएसबीटी 17 सब्जी मंडी में शुक्रवार को टमाटर के भाव जमीन पर आ गए। आढ़तियों में इसे लेकर भारी रोष है। उन्होंने कहा है कि वेंडरों के पास न बनने के कारण ही ऐसा हो रहा है। अगर यही हाल रहा तो वह काम बन्द कर देंगे और इस कारण लोगों को होने वाली परेशानी के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने आढ़तियों व वेंडरों के और लाइसेंस बनाने की मांग को ठुकरा दिया है, जिसके चलते ही आढ़तियों ने प्रशासन के साथ फिर से ये मुद्दा उठाने का फैसला लिया है।  


40 से 50 रुपए में बिक रही क्रेट 
खरीददार नहीं होने के कारण 400 से 500 रुपए में बिकने वाली टमाटर की क्रेट अब 40 से 50 रुपए में बिक रही है। टमाटर लेकर आए जमीदारों ने फसल के इस नुकसान पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि वह अब मंडी में टमाटर लेकर नहीं आएंगे। इधर आढ़तियों ने टमाटर की इस दुर्दशा के पीछे का कारण मांगे नहीं होना बताया है। उन्होंने बताया कि वेंडरों और सभी आढ़तियों के पास न बनाने के कारण ही ऐसा हो रहा है। 

 

होटल बंद होने के कारण डिमांड घटी
कोरोना संक्रमण के कारण शहर में अधिकांश बड़े होटल, रेस्टोरेंट और ईटिंग प्वाईंट बंद पड़े हुए हैं। सिटको के भी शहर ‌में स्थित सभी प्रमुख होटल और रेस्तरां बंद होने के कारण फलों, सब्जियों की सप्लाई नहीं हो पा रही है। 

 

मांग नहीं होने के कारण हर सब्जी और फलों के दामों में 30 से 40 प्रतिशत की गिरावट आई है। सबसे ज्यादा यदि किसी सब्जी के बुरे हाल हुए हैं तो वह टमाटर के हैं।  वैसे तो पिछले एक सप्ताह से मंडी में टमाटर की कोई मांग नहीं है, लेकिन शुक्रवार को तो टमाटर को कोई भी खरीदने को तैयार नहीं था। इस कारण से 200 रुपये का 25 किलो बिकने वाला टमाटर 80 रुपये में 75 किलो तब बेंचा गया। 

 

प्रशासन के सामने उठाएंगे मुद्दा 
अपनी फसल के बुरे हाल देखकर जमीदारों ने कहा कि वह अब मंडी में टमाटर लेके नहीं आएंगे। इस संबन्ध में मंडी के पांच सदस्यीय कमेटी के सद्स्य बृजमोहन में बताया कि प्रशासन के पास न बनाने के चलते ऐसा हो रहा है। उन्होंने कहा कि वेंडर जब घर बैठेंगे तो उनका काम कैसे चलेगा। 

 

उनके पहले ही इतने पैसे फंसे हुए हैं और वेंडरों के न आने के कारण उन्हें कम दामों पर सब्जियों की बिक्री कर रही है क्योंकि इससे उनकी सब्जियों को नुकशान हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह शनिवार को प्रशासन के समक्ष ये मुद्दा उठाएँगे, क्योंकि कई आढ़ती ने साफ कर दिया है कि अगर यही हाल रहा तो वह काम नहीं करेंगे।


pooja verma

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