दिल्ली पुलिस ने 1.5 करोड़ रुपए की हथिया*रबंद लूट का मामला सुलझाया, 5 गिरफ्तार, करीब 1 करोड़ रुपए बरामद

punjabkesari.in Thursday, Sep 17, 2026 - 10:00 AM (IST)

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने करीब 1.5 करोड़ रुपए नकद की हथियारबंद लूट का मामला सुलझा लिया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लूटी गई रकम में से लगभग 1 करोड़ रुपए बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार यह घटना 7 सितंबर, 2026 की शाम करीब 7:30 बजे आउटर रिंग रोड पर गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास हुई थी। 

शिकायतकर्ता अपने एक साथी के साथ ऑटो-रिक्शा से चांदनी चौक से सफदरजंग एन्क्लेव जा रहा था और उसके पास एक बैग था जिसमें करीब 1.5 करोड़ रुपए नकद थे। जब ऑटो-रिक्शा गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास पहुंचा, तो बाइक पर सवार तीन लोगों ने उसे रोका। आरोप है कि एक आरोपी ने पिस्तौल दिखाई और शिकायतकर्ता व उसके साथी को धमकाया, फिर नकदी से भरा बैग लेकर भाग गया। इसके बाद तीनों आरोपी मोटरसाइकिल से ITO की ओर भाग गए। 

जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह चांदनी चौक में पेमेंट कलेक्टर/डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता है और चोरी हुई नकदी उसके मालिक की थी। कानून की संबंधित धाराओं के तहत 8 सितंबर 2026 को दरियागंज पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। 

पुलिस टीमों ने संदिग्धों की पहचान करने के लिए CCTV फुटेज की जांच की और स्थानीय सूत्रों से जानकारी जुटाई। जांच के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से लूटी गई नकदी में से करीब 1 करोड़ रुपए बरामद किए गए। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और बाकी रकम बरामद करने तथा मामले में उनकी भूमिका और अन्य पहलुओं का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है। 

इससे पहले 9 सितंबर को एक अलग मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 42 वर्षीय एक कथित आदतन लुटेरे को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि वह उत्तर-पूर्व दिल्ली में बंदूक की नोक पर 50 लाख रुपए की लूट के मामले में वांछित था और हत्या के एक मामले में पैरोल तोड़ने के बाद से लगभग 11 वर्षों से फरार चल रहा था। पुलिस ने बताया कि उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना का रहने वाला आरोपी शराफत अली, जिसे 'मामा' के नाम से भी जाना जाता है, उसे क्राइम ब्रांच के एंटी-एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल (AEKC) की टीम ने DND फ्लाईओवर इलाके से पकड़ा। 

पुलिस के मुताबिक अली को दिल्ली हाई कोर्ट ने 1 अक्टूबर को मेडिकल आधार पर पैरोल दी थी लेकिन पैरोल खत्म होने के बाद वह सरेंडर करने में नाकाम रहा और तब से फरार चल रहा था। अधिकारियों ने बताया कि खजूरी खास और सिविल लाइंस पुलिस स्टेशनों में दर्ज दो मामलों में उसे 'घोषित अपराधी' (Proclaimed Offender) भी करार दिया गया था। 


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Content Writer

Sanjeev

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