एशियाई रैपिड एवं ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप : हरिका द्रोणावल्ली ने जीते दो स्वर्ण पदक

punjabkesari.in Monday, Aug 03, 2026 - 07:15 PM (IST)

हांगकांग निकलेश जैन)। भारत की अनुभवी ग्रैंडमास्टर हरिका द्रोणावल्ली ने हांगकांग के  तुंगपो किटी वू स्टेडियम, कौलून में आयोजित एशियाई रैपिड एवं ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रैपिड और ब्लिट्ज दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिए। पिछले शतरंज ओलंपियाड में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाली टीम की अनुभवी सदस्य रहीं हरिका इस बार भारतीय ओलंपियाड टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन एशियाई चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शतरंज में अपनी मजबूत मौजूदगी का शानदार संदेश दिया है।

सबसे पहले खेले गए महिला रैपिड वर्ग में हरिका ने 11 राउंड में 6 जीत और 5 ड्रॉ के साथ 8.5 अंक बनाकर स्वर्ण पदक जीता। रूस की महिला ग्रैंडमास्टर अन्ना शुखमान ने भी 8.5 अंक बनाए, लेकिन दोनों खिलाड़ियों के बीच हुए व्यक्तिगत मुकाबले में हरिका की जीत के कारण टाईब्रेक के आधार पर स्वर्ण पदक भारत की झोली में आया। वियतनाम की अंतरराष्ट्रीय मास्टर फाम ले थाओ गुयेन 8 अंकों के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।

इसके बाद महिला ब्लिट्ज प्रतियोगिता में भी हरिका का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। 13 राउंड में उन्होंने 9 जीत, 3 ड्रॉ और केवल 1 हार के साथ 10.5 अंक बनाकर दूसरा स्वर्ण पदक भी अपने नाम कर लिया। रूस की वेलेंटीना गुनिना 10 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि उज्बेकिस्तान की महिला ग्रैंडमास्टर उमीदा ओमोनोवा 9.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। ब्लिट्ज में हरिका की एकमात्र हार गुनिना के खिलाफ रही, लेकिन इसके अलावा उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में बेहद प्रभावशाली खेल दिखाते हुए सभी प्रतिद्वंद्वियों पर अपना दबदबा बनाए रखा।

हरिका की यह दोहरी स्वर्णिम सफलता भारतीय शतरंज के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भले ही वह इस बार भारतीय ओलंपियाड टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि भारत की यह अनुभवी ग्रैंडमास्टर आज भी एशिया और विश्व स्तर पर बड़े खिताब जीतने की क्षमता रखती हैं। उनके इस प्रदर्शन से भारतीय महिला शतरंज को भी नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलेगी।

 


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Content Editor

Niklesh Jain