हॉकी विश्व कप: ''पहले क्वार्टर में भारत को पेनल्टी कॉर्नर देने से बचें'', समीउल्लाह खान की पाक टीम को सलाह
punjabkesari.in Tuesday, Aug 18, 2026 - 04:19 PM (IST)
एम्सटेलवीन: भारत के खिलाफ एफआईएच हॉकी विश्व कप के अहम पूल मुकाबले से पहले पाकिस्तान के महान खिलाड़ी और मौजूदा मुख्य चयनकर्ता समीउल्लाह खान ने अपनी टीम को खास सलाह दी है। दो बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता ने पाकिस्तानी टीम से कहा है कि उसे भारत के खिलाफ पहले क्वार्टर में किसी भी तरह का पेनल्टी कॉर्नर नहीं देना चाहिए और अपनी रक्षापंक्ति को बेहद मजबूत रखना होगा।
पूल डी में भारत ने वेल्स को हराया है, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद वह दूसरे स्थान पर है। पाकिस्तान वेल्स के खिलाफ ड्रॉ और इंग्लैंड से हार के बाद तीसरे स्थान पर है। ऐसे में पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है। उसे अगले दौर में पहुंचने के लिए भारत को हराना होगा और साथ ही उम्मीद करनी होगी कि इंग्लैंड वेल्स को हरा दे। दूसरी ओर, भारत के लिए ड्रॉ भी अगले दौर में पहुंचने के लिए पर्याप्त हो सकता है।
'पहले क्वार्टर में पेनल्टी कॉर्नर कतई न दें'
अपने खेल के दिनों में अपनी तेज रफ्तार के कारण 'फ्लाइंग हॉर्स' के नाम से मशहूर समीउल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान को शुरुआत से ही डिफेंस पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा, 'मैं पाकिस्तानी कप्तान से यही कहना चाहूंगा कि अपना डिफेंस मजबूत रखें और भारत को पहले क्वार्टर में पेनल्टी कॉर्नर कतई न दें।' उन्होंने मिडफील्डरों को पीछे पास करने के बजाय आक्रामक रवैया अपनाने की सलाह दी। उनके मुताबिक मिडफील्ड से गेंद को आगे ले जाकर गोल की दिशा में खेलना होगा, जबकि फॉरवर्ड खिलाड़ियों को डायगनल और इंटरचेंज पास के जरिए भारतीय डिफेंस को तोड़ने की कोशिश करनी होगी।
युवा टीम पर भरोसा, दबाव झेलने में सक्षम
पाकिस्तान की टीम में इस समय ज्यादातर युवा खिलाड़ी हैं, लेकिन समीउल्लाह को भरोसा है कि वे इस बड़े मुकाबले का दबाव संभाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि टीम के खिलाड़ी हाल ही में प्रो लीग में भारत के खिलाफ खेल चुके हैं और एक मुकाबले में उन्होंने भारत को कड़ी टक्कर भी दी थी। समीउल्लाह के मुताबिक टीम के प्रत्येक खिलाड़ी के पास 50 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव है और उन्हें अच्छी तरह पता है कि इस मुकाबले का परिणाम कितना महत्वपूर्ण है।
16 साल बाद विश्व कप में आमने-सामने भारत-पाकिस्तान
भारत और पाकिस्तान विश्व कप में 16 साल बाद आमने-सामने होंगे। पिछले करीब एक दशक से पाकिस्तान भारत को नहीं हरा सका है। समीउल्लाह ने भारतीय हॉकी में हुए बदलाव की जमकर तारीफ की और कहा कि पाकिस्तान को भी सुधार के लिए दीर्घकालिक योजना बनानी होगी। उन्होंने कहा कि 2016 के बाद भारत ने अपनी हॉकी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया, खिलाड़ियों का पूल बढ़ाया, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया और हॉकी लीग को दोबारा शुरू किया। उनके मुताबिक इन बदलावों ने भारतीय हॉकी को काफी फायदा पहुंचाया है।
'भारत ने जो किया, पाकिस्तान को भी वही करना होगा'
समीउल्लाह ने कहा कि भारत ने फील्ड गोल करने की क्षमता में सुधार किया है और गेंद के साथ उसकी मूवमेंट काफी बेहतर हुई है। साथ ही भारतीय टीम ने पेनल्टी कॉर्नर और सर्कल के अंदर डीप डिफेंस को भी मजबूत किया है। इसके विपरीत उन्होंने पाकिस्तान हॉकी में दीर्घकालिक सोच की कमी पर चिंता जताई। उनका मानना है कि जब तक पाकिस्तान हॉकी के लिए दूरदर्शी योजना नहीं बनाएगा, तब तक टीम को लगातार शीर्ष स्तर पर पहुंचाना मुश्किल होगा।
'ड्रिबलिंग और कलात्मक हॉकी वापस लानी होगी'
समीउल्लाह ने कहा कि हॉकी में नियमों के बदलाव के बाद यूरोपीय टीमों ने खेल को काफी हद तक फुटबॉल जैसा बना दिया था, जिससे व्यक्तिगत कौशल और कलात्मक हॉकी का प्रभाव कम हुआ। हालांकि अब बेल्जियम और जर्मनी जैसी टीमें सर्कल के अंदर फिर से कौशल और ड्रिबलिंग का इस्तेमाल करने लगी हैं। उनका मानना है कि भारत और पाकिस्तान को भी अपनी पारंपरिक कलात्मक हॉकी और ड्रिबलिंग को वापस लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के पास कौशल होगा तो दर्शक अपने आप मैदान तक पहुंचेंगे।

