BCCI ने जूनियर पुरुष चयन समिति में पांच पदों के लिए मंगाए आवेदन, ये होनी चाहिए योग्यता

punjabkesari.in Monday, Aug 24, 2026 - 02:38 PM (IST)

नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सोमवार को कहा कि वह अपनी जूनियर पुरुष चयन समिति में पांच पदों के लिए आवेदन मंगा रहा है। इसका मकसद उस पैनल का पुनर्गठन करना है जो उम्र-वर्ग के खिलाड़ियों के विकास के रास्ते को आकार देने और 'बेंच स्ट्रेंथ' (बैकअप खिलाड़ियों की क्षमता) को मजबूत करने के लिए जिम्मेदार है। 

बोर्ड के एक बयान के अनुसार आवेदन की प्रक्रिया 5 सितंबर, 2026 को शाम 5 बजे तक खुली रहेगी। नया पैनल मौजूदा समिति की जगह लेगा, जिसके प्रमुख तमिलनाडु के पूर्व क्रिकेटर एस. शरथ हैं और जिसमें रानादेब बोस (ईस्ट जोन), हरविंदर सिंह सोधी (नॉर्थ जोन), पथिक पटेल (वेस्ट जोन) और कृष्ण मोहन (सेंट्रल जोन) भी शामिल हैं। 

मौजूदा समिति सितंबर 2021 में बनी थी। 2023 में कर्नाटक के पूर्व विकेटकीपर तिलक नायडू मुख्य चयनकर्ता बने क्योंकि शरथ सीनियर पुरुष चयन पैनल में चले गए थे। 2025 में शरथ वापस मुख्य जूनियर चयनकर्ता बने और नायडू की जगह ली। मौजूदा पैनल के 5 साल के कार्यकाल के दौरान भारत ने क्रमशः यश धुल और आयुष म्हात्रे की कप्तानी में 2022 और 2026 का पुरुष अंडर-19 विश्व कप जीता। चयन पैनल के काम का दायरा बताते हुए BCCI ने नए सदस्यों के लिए काम की रूपरेखा स्पष्ट की, जो अंडर-22 स्तर तक खिलाड़ियों की प्रगति की देखरेख करेंगे। 

BCCI ने आगे कहा, 'जूनियर क्रिकेट समिति के सदस्य कोचिंग कैंप और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय टीमों के खिलाफ (भारत और विदेश में, सभी फॉर्मेट में) भारत के जूनियर मैचों के लिए अंडर-22 तक की उम्र-वर्ग की टीमों को चुनने के लिए जिम्मेदार होंगे। यह समिति भारत की जूनियर टीमों के लिए मजबूत टैलेंट पूल और बेंच स्ट्रेंथ तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।' 

इस भूमिका के लिए योग्य होने के लिए उम्मीदवारों को पिछले खेलने के अनुभव और प्रशासनिक 'कूलिंग-ऑफ पीरियड' (पद छोड़ने के बाद अनिवार्य अंतराल) से जुड़े खास मानदंडों को पूरा करना होगा। आवेदकों का पूर्व खिलाड़ी होना जरूरी है, जिन्होंने कम से कम 25 फर्स्ट-क्लास मैच खेले हों और खेल से संन्यास लिए हुए कम से कम पांच साल हो चुके हों। 

टीम चुनने के अलावा मुख्य जिम्मेदारियों में अलग-अलग सपोर्ट स्टाफ सदस्यों की जांच-पड़ताल करना, खिलाड़ियों के विकास पर नजर रखना, भारत और विदेश में अलग-अलग फॉर्मेट और दौरों के लिए कप्तान नियुक्त करना और सीनियर व पूर्व खिलाड़ियों के साथ बातचीत के जरिए ड्रग्स, सट्टेबाजी और मैच-फिक्सिंग के खिलाफ जागरूकता फैलाना शामिल है। 

इसके अलावा बोर्ड ने साफ किया है कि जिस व्यक्ति ने BCCI की किसी भी क्रिकेट कमिटी में कुल मिलाकर 5 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है, वह चयन के लिए अयोग्य माना जाएगा। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का मूल्यांकन स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद पर्सनल इंटरव्यू के जरिए किया जाएगा। 


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Content Writer

Sanjeev