BCCI का बड़ा फैसला, जसप्रीत बुमराह को टेस्ट क्रिकेट में वापसी से पहले खेलना होगा रेड-बॉल मुकाबला
punjabkesari.in Saturday, Sep 05, 2026 - 10:18 AM (IST)
नई दिल्ली: भारत के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की टेस्ट क्रिकेट में वापसी से पहले BCCI कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले चयनकर्ता चाहते हैं कि बुमराह किसी प्रतिस्पर्धी रेड-बॉल मुकाबले में अपनी फिटनेस और मैच लय साबित करें। यही वजह है कि उन्हें रणजी ट्रॉफी में खेलने के लिए कहा जा रहा है। अगर घरेलू मुकाबला संभव नहीं होता है तो इंडिया ए के साथ रेड-बॉल मैच भी विकल्प हो सकता है।
बुमराह को रणजी ट्रॉफी खेलने पर क्यों दिया जा रहा जोर?
BCCI की चयन समिति, जिसकी अगुआई अजीत अगरकर कर रहे हैं, बुमराह की वापसी को लेकर बेहद सतर्क है। तेज गेंदबाज के लिए टी20 के चार ओवर और टेस्ट क्रिकेट में लगातार कई दिनों तक लंबे स्पेल डालने की शारीरिक मांग बिल्कुल अलग होती है।
बुमराह लंबे समय से रेड-बॉल क्रिकेट से दूर रहे हैं और इस दौरान उनका फोकस छोटे फॉर्मेट तथा फिटनेस पर रहा है। ऐसे में चयनकर्ता चाहते हैं कि टेस्ट टीम में सीधे शामिल करने से पहले वह वास्तविक मैच परिस्थितियों में गेंदबाजी करें।
चोट की पुरानी समस्या भी बड़ी वजह
बुमराह के मामले में सबसे बड़ी चिंता उनकी चोटों का इतिहास है। उनके घुटने की सर्जरी हो चुकी है और ऐसे में पांच दिन के टेस्ट मैच में लगातार गेंदबाजी का भार उनके शरीर पर कितना असर डालता है, इसे लेकर BCCI पूरी तरह आश्वस्त होना चाहता है।
Centre of Excellence में बुमराह के लिए मैच जैसी परिस्थितियों में अभ्यास कराया गया है, लेकिन चयनकर्ताओं के मुताबिक असली मुकाबले का दबाव और शारीरिक चुनौती अलग होती है। खासकर टेस्ट क्रिकेट के तीसरे या चौथे दिन लंबे स्पेल में गेंदबाजी करना किसी भी तेज गेंदबाज के लिए बड़ी परीक्षा होती है।
लगभग 10 महीने से रेड-बॉल क्रिकेट से दूर
बुमराह 2025 के आखिर से लंबे प्रारूप के क्रिकेट से लगभग 10 महीने दूर रहे हैं। इस दौरान उनका शरीर मुख्य रूप से छोटे फॉर्मेट की गेंदबाजी के अनुरूप रहा है।
टी20 में कुछ ओवर गेंदबाजी करने के बाद टेस्ट क्रिकेट में अचानक 15-20 या उससे ज्यादा ओवर के स्पेल डालना तेज गेंदबाज के शरीर के लिए बड़ा बदलाव होता है। यही कारण है कि BCCI पहले एक प्रतिस्पर्धी फर्स्ट-क्लास मुकाबले के जरिए उनकी तैयारियों को परखना चाहता है।
रणजी या इंडिया ए, एक रेड-बॉल मैच जरूरी
चयनकर्ताओं की प्राथमिकता है कि बुमराह भारत के लिए टेस्ट चयन से पहले कोई वास्तविक रेड-बॉल मुकाबला खेलें। इसके लिए रणजी ट्रॉफी सबसे संभावित विकल्प है।
अगर घरेलू क्रिकेट के कार्यक्रम और भारतीय टीम की व्यस्तता के कारण यह संभव नहीं होता है, तो इंडिया ए के साथ न्यूजीलैंड में होने वाला मैच विकल्प बन सकता है। मकसद सिर्फ इतना है कि बुमराह को टेस्ट सीरीज से पहले पर्याप्त ओवर गेंदबाजी करने का मौका मिले।
शेड्यूल बना बड़ी चुनौती
हालांकि बुमराह के लिए एक रेड-बॉल मैच का इंतजाम करना आसान नहीं होगा। भारत का अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम काफी व्यस्त है और सफेद गेंद की सीरीज भी इसी अवधि में होनी है। अगर बुमराह को न्यूजीलैंड में इंडिया ए के साथ भेजा जाता है तो यह सीनियर टीम की अन्य प्रतिबद्धताओं से टकरा सकता है। वहीं रणजी ट्रॉफी में खेलने के लिए उन्हें भारतीय टीम के शॉर्ट-फॉर्मेट सेटअप से बाहर रखना पड़ सकता है।
इसलिए BCCI के सामने सबसे बड़ी चुनौती बुमराह के लिए ऐसा मुकाबला तय करना है जिससे उनकी टेस्ट तैयारियों पर असर न पड़े और उन्हें पर्याप्त रेड-बॉल क्रिकेट भी मिल सके।
टेस्ट क्रिकेट में बुमराह को लेकर कोई जोखिम नहीं
BCCI की कोशिश साफ है कि बुमराह को सीधे टेस्ट मैच में उतारने से पहले उनकी मैच फिटनेस को परखा जाए। अभ्यास और फिटनेस टेस्ट से उनकी स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन प्रतिस्पर्धी मुकाबले में लगातार गेंदबाजी करने से ही यह पता चलेगा कि उनका शरीर टेस्ट क्रिकेट का भार उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं।
तेज गेंदबाज के लिए टी20 से टेस्ट क्रिकेट में अचानक बदलाव काफी चुनौतीपूर्ण होता है। लगातार कई दिनों तक गेंदबाजी करने से शरीर पर पड़ने वाला दबाव कहीं ज्यादा होता है।
बुमराह के लिए क्यों अहम है न्यूजीलैंड सीरीज?
भारत को नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है और इस दौरे पर बुमराह की मौजूदगी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विदेशी परिस्थितियों में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई करने की जिम्मेदारी बुमराह पर रहने की उम्मीद है। ऐसे में BCCI चाहता है कि वह पूरी तरह तैयार और मैच फिट होकर टेस्ट सीरीज में उतरें।
बुमराह को लेकर बोर्ड की यह सावधानी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एक छोटी सी फिटनेस समस्या भारत की टेस्ट योजनाओं को बड़ा झटका दे सकती है। इसलिए चयनकर्ता एक रेड-बॉल मुकाबले के जरिए उनकी फिटनेस, गेंदबाजी वर्कलोड और लंबे स्पेल झेलने की क्षमता को परखना चाहते हैं।
BCCI के सामने बड़ा सवाल
बुमराह के लिए एक अतिरिक्त फर्स्ट-क्लास मुकाबला तय करने की कोशिश भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के वर्कलोड मैनेजमेंट की चुनौती को भी दिखाती है। भारत अपने प्रमुख तेज गेंदबाज को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता। फिलहाल योजना यही है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले बुमराह को वास्तविक रेड-बॉल क्रिकेट का अनुभव मिले। रणजी ट्रॉफी या इंडिया ए में उनकी गेंदबाजी के बाद ही उनकी टेस्ट वापसी को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।

