टी20 विश्व कप का बायकॉट, बांग्लादेश को हो सकता है 27 मिलियन डॉलर का नुकसान
punjabkesari.in Friday, Jan 23, 2026 - 02:46 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : बांग्लादेश क्रिकेट के इतिहास में अमीनुल इस्लाम ‘बुलबुल’ का नाम हमेशा सम्मान से लिया जाता रहा है। देश के पहले टेस्ट शतकवीर के रूप में उन्होंने एक युग की शुरुआत की थी। लेकिन करीब 25 साल बाद वही ‘बुलबुल’ एक ऐसे फैसले की वजह से सुर्खियों में हैं, जिसने बांग्लादेश क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर विवादों में ला खड़ा किया है। ICC टी20 वर्ल्ड कप से संभावित हटने का फैसला क्रिकेट प्रशासन, खिलाड़ियों और फैंस के लिए भी बड़ा झटका बन गया है। इसी के साथ ही बांग्लादेश को भारी आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक टी20 विश्व कप से हटने पर बांग्लादेश को सालाना करीब 27 मिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हो सकता है।
‘बुलबुल’ का ऐतिहासिक कद और आज की मुश्किल
अमीनुल इस्लाम ‘बुलबुल’ बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के पहले ऐसे अध्यक्ष बन गए हैं, जिनके कार्यकाल में राष्ट्रीय टीम किसी ICC वैश्विक टूर्नामेंट से बाहर होने के कगार पर है। यह फैसला अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल के सख्त रुख से जुड़ा है, जिन्होंने सुरक्षा चिंताओं को सीधे तौर पर “राष्ट्रीय प्रतिष्ठा” का मुद्दा बना दिया है। इस घटनाक्रम ने ‘बुलबुल’ की वर्षों की प्रतिष्ठा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आर्थिक नुकसान का डर
टी20 वर्ल्ड कप से हटने की स्थिति में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को भारी आर्थिक झटका लग सकता है। अनुमान है कि ICC से मिलने वाली सालाना आय में लगभग 325 करोड़ बांग्लादेशी टका (करीब 27 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की कमी आ सकती है। ब्रॉडकास्ट राइट्स, स्पॉन्सरशिप और अन्य व्यावसायिक सौदों को मिलाकर कुल नुकसान वित्तीय वर्ष में 60 प्रतिशत से भी ज्यादा हो सकता है, जो BCB के लिए बेहद गंभीर स्थिति होगी।
भारत-बांग्लादेश क्रिकेट रिश्तों पर असर
इस विवाद का असर सिर्फ वर्ल्ड कप तक सीमित नहीं है। अगस्त-सितंबर में प्रस्तावित भारत का बांग्लादेश दौरा भी खतरे में माना जा रहा है। इस द्विपक्षीय सीरीज की टीवी राइट्स वैल्यू बेहद ऊंची मानी जाती है और इसके रद्द होने से दोनों बोर्डों को बड़ा नुकसान हो सकता है।
बैठक की अंदरूनी कहानी
बीसीबी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अहम बैठक में ज्यादातर बातचीत खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने ही की। ‘बुलबुल’ बेहद कम बोले और खिलाड़ी लगभग पूरी तरह चुप रहे। सूत्रों का कहना है कि सीनियर खिलाड़ी डरे हुए थे और उन्हें आशंका थी कि अगर बड़े नामों के साथ ऐसा हो सकता है, तो भविष्य में उनके हालात और खराब हो सकते हैं। बैठक के बाद ‘बुलबुल’ काफी निराश दिखे और किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं हो सका।
ICC में संपर्क, लेकिन समर्थन नहीं
‘बुलबुल’ ने करीब 10 साल तक ICC में गेम डेवलपमेंट ऑफिसर के तौर पर काम किया है और उनके मजबूत संपर्क माने जाते रहे हैं। बावजूद इसके, अंतिम बोर्ड बैठकों में उन्हें लगभग अकेला छोड़ दिया गया। पाकिस्तान के सीमित समर्थन के अलावा न तो ICC में और न ही श्रीलंका क्रिकेट की ओर से कोई ठोस सहयोग मिला, जिससे उनकी स्थिति और कमजोर हो गई।
खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा नुकसान
इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा नुकसान खिलाड़ियों का हुआ है। कप्तान लिटन दास जैसे खिलाड़ियों के लिए यह वर्ल्ड कप करियर का अहम मोड़ साबित हो सकता था। सरकार और बीसीबी ने भले ही मैच फीस की भरपाई का भरोसा दिया हो, लेकिन अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए बड़े मंच पर खेलने का मौका, प्रतिस्पर्धा और देश के लिए प्रदर्शन करने का गर्व किसी भी आर्थिक भरपाई से कहीं ज्यादा अहम होता है—और यही इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।

