दीप दासगुप्ता ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में हार के बाद बताया भारत की मुख्य चिंता का कारण
punjabkesari.in Sunday, Jul 05, 2026 - 04:08 PM (IST)
नई दिल्ली : भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दीप दासगुप्ता का मानना है कि मैनचेस्टर में दूसरे T20I में इंग्लैंड से मिली हार के बाद भारत को अपने बॉलिंग कॉम्बिनेशन पर फिर से सोचने की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि टीम मैनेजमेंट को सीरीज के बाकी मैचों के लिए एक और स्पेशलिस्ट सीमर (तेज गेंदबाज़) को खिलाने पर विचार करना चाहिए।
पांच मैचों की सीरीज में इंग्लैंड की 1-0 की बढ़त के बाद भारत के प्रदर्शन का आकलन करते हुए दासगुप्ता ने कहा कि मौजूदा बैलेंस के कारण अगर मुख्य तेज गेंदबाजों में से किसी का दिन खराब रहता है तो बॉलिंग अटैक कमजोर पड़ जाता है। उन्होंने कहा कि जब टीम दो स्पेशलिस्ट सीमर और ऑलराउंडर शिवम दुबे पर निर्भर रहती है तो भारत के बॉलिंग रिसोर्स पर दबाव बढ़ जाता है।
दासगुप्ता ने जियोस्टार से कहा, 'भारत के लिए मुख्य चिंता उनका बॉलिंग कॉम्बिनेशन रहा है। जब आप सिर्फ दो सीमर और शिवम दुबे के साथ उतरते हैं, और उनमें से किसी का दिन खराब होता है, तो आपके पास बहुत कम विकल्प बचते हैं।' उन्होंने बताया कि तेज गेंदबाजी डिपार्टमेंट में वैसा ही रिप्लेसमेंट न होने से विपक्षी टीम के लिए मिडिल ओवरों में मैच पर पकड़ बनाना आसान हो जाता है। उन्होंने कहा, 'मिडिल ओवरों में आपके पास वैसा ही रिप्लेसमेंट नहीं होता है और विपक्षी टीम कमजोर कड़ियों को निशाना बना सकती है। मुझे लगता है कि टीम को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।'
दासगुप्ता का मानना है कि भारत को एक और स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाज को शामिल करके अपने अटैक के कॉम्बिनेशन को बदलने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, भले ही इसके लिए प्लेइंग XI में कहीं और समझौता करना पड़े। उन्होंने कहा, 'उन्हें दो तेज गेंदबाज और शिवम दुबे के बजाय तीन सीमर के साथ उतरने पर विचार करना चाहिए।'
पूर्व क्रिकेटर ने यह भी सवाल उठाया कि क्या भारत को तीन स्पिनरों के साथ बने रहने की जरूरत है, खासकर इंग्लैंड की परिस्थितियों में जहां सीम और बाउंस की बड़ी भूमिका होने की संभावना है। उन्होंने कहा, 'टीम को जिन कुछ और सवालों के जवाब देने की जरूरत है, वे ये हैं कि क्या उन्हें सच में तीन स्पिनरों की जरूरत है और क्या वे एक अतिरिक्त सीमर को खिला सकते हैं।'
दासगुप्ता ने माना कि पेस अटैक को मजबूत करने से भारत की बैटिंग डेप्थ कम हो सकती है, लेकिन उन्हें लगा कि इस बदलाव से अंततः टीम को फायदा हो सकता है। दासगुप्ता ने कहा, 'इसका मतलब यह हो सकता है कि उन्हें बैटिंग की गहराई (बैटिंग डेप्थ) से थोड़ा समझौता करना पड़े। लेकिन ऐसी परिस्थितियों में जहां तेज गति और उछाल ज़्यादा मायने रखते हैं, यह जोखिम उठाया जा सकता है। इसलिए हां, कुछ कड़े फैसले लेने होंगे।'
सीरीज के रोमांचक मोड़ पर होने के कारण दासगुप्ता की ये बातें भारतीय टीम मैनेजमेंट के सामने मौजूद चयन की दुविधा को उजागर करती हैं, वे बचे हुए मैचों से पहले बैटिंग की गहराई और बॉलिंग अटैक में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी की जरूरत के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

