Archery World Cup : धीरज बोम्मादेवर ने रचा इतिहास, खिताब जीतने वाले पहले भारतीय तीरंदाज बने
punjabkesari.in Monday, Sep 14, 2026 - 03:41 PM (IST)
साल्टिलो, मेक्सिको: भारत के 25 वर्षीय आर्मी तीरंदाज धीरज बोम्मादेवर ने आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में इतिहास रच दिया है। उन्होंने पुरुष रिकर्व वर्ग के फाइनल में जापान के नाकानिशी जुन्या को शूट-ऑफ में हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही धीरज इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बन गए हैं।
रोमांचक मुकाबले में 6-5 से मिली जीत
दुनिया के 10वें नंबर के तीरंदाज धीरज ने मैक्सिको के साल्टिलो में खेले गए फाइनल में विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर मौजूद नाकानिशी जुन्या को 6-5 से मात दी। पांच सेट के बाद दोनों तीरंदाजों का स्कोर 5-5 से बराबर था, जिसके बाद मुकाबले का फैसला शूट-ऑफ से हुआ। शूट-ऑफ में धीरज ने शानदार संयम दिखाते हुए 10 अंक हासिल किए, जबकि नाकानिशी केवल 9 अंक ही जुटा सके। इस तरह धीरज ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
पांचों सेट में कांटे की टक्कर
फाइनल में दोनों तीरंदाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पांच सेट के स्कोर इस प्रकार रहे:
पहला सेट: 28-28
दूसरा सेट: 28-29
तीसरा सेट: 29-28
चौथा सेट: 28-30
पांचवां सेट: 28-27
मुकाबला इतना करीबी रहा कि विजेता का फैसला बेहद छोटे अंतर से हुआ। आखिरी क्षणों में धीरज ने दबाव को संभाला और शूट-ऑफ में सटीक निशाना लगाकर खिताब जीत लिया।
16 साल बाद भारत को मिला बड़ा गौरव
धीरज की इस जीत से 16 साल बाद भारत को पुरुष रिकर्व वर्ग में आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल का एक और बड़ा गौरव मिला है। इससे पहले जयंत तालुकदार ने 2010 में एडिनबर्ग में कांस्य पदक जीता था। हालांकि, कोई भी भारतीय पुरुष तीरंदाज इस टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक नहीं जीत सका था। धीरज ने इस कमी को पूरा करते हुए भारत के लिए नया इतिहास लिख दिया।
डोला बनर्जी के बाद भारत का दूसरा व्यक्तिगत चैंपियन
आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के लिए व्यक्तिगत खिताब जीतने वाली पहली तीरंदाज डोला बनर्जी थीं। उन्होंने 2007 में दुबई में महिला वर्ग का खिताब जीता था। अब धीरज बोम्मादेवर की जीत के साथ भारत को 19 साल बाद इस टूर्नामेंट में दूसरा व्यक्तिगत चैंपियन मिला है। साथ ही, वह पुरुष वर्ग में खिताब जीतने वाले भारत के पहले तीरंदाज बन गए हैं।
पिछली दो कोशिशों में नहीं मिला था पदक
धीरज इससे पहले 2023 और 2024 के आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में हिस्सा ले चुके थे, लेकिन दोनों मौकों पर वह पदक जीतने में सफल नहीं रहे थे। तीसरी बार उन्होंने नॉकआउट दौर में शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल में भी दबाव के बीच बेहतरीन खेल दिखाते हुए अपने करियर का सबसे बड़ा खिताब हासिल किया।
दीपिका कुमारी के नाम सबसे ज्यादा पदक
भारत की सबसे सफल तीरंदाजों में शामिल दीपिका कुमारी आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में भारत की सबसे ज्यादा पदक जीतने वाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने आठ बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है और कुल छह पदक जीते हैं। इनमें पांच रजत और एक कांस्य पदक शामिल है। हालांकि, साल्टिलो में धीरज ने अपनी अलग पहचान बनाई और भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी के लिए एक नया अध्याय शुरू किया।
धीरज बोम्मादेवर की ऐतिहासिक उपलब्धि
धीरज की इस जीत ने न केवल उन्हें आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल का चैंपियन बनाया, बल्कि भारतीय पुरुष तीरंदाजी को भी नई ऊंचाई दी। दो बार पदक से चूकने के बाद तीसरे प्रयास में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर साबित किया कि बड़े मंच पर धैर्य और दबाव में सही निशाना लगाना कितना महत्वपूर्ण होता है।
मैच का नतीजा
आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल, पुरुष रिकर्व:
स्वर्ण पदक: धीरज बोम्मादेवर, भारत
रजत पदक: नाकानिशी जुन्या, जापान
फाइनल स्कोर: धीरज बोम्मादेवर ने 6-5 से जीत दर्ज की
शूट-ऑफ: धीरज 10, नाकानिशी 9.

