BWF विश्व चैंपियनशिप: 29-30 पर ही क्यों खत्म हुआ गेम? जानिए कैसे बिना 2 अंकों की बढ़त के तुर्की ने भारत को हराया
punjabkesari.in Tuesday, Aug 18, 2026 - 05:30 PM (IST)
नई दिल्ली: BWF विश्व चैंपियनशिप के रोमांचक मुकाबले में भारत के अशिथ सूर्य और अमृता प्रमुथेश को तुर्की के एमरे सोनमेज और यासेमेन बेक्टास के खिलाफ 71 मिनट की कड़ी टक्कर के बाद हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम 21-16 से जीता, लेकिन दूसरा गेम 29-30 से गंवा दिया। इसके बाद निर्णायक गेम में तुर्की की जोड़ी ने 24-22 से बाजी मारकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
मुकाबले के दूसरे गेम में स्कोर 29-29 होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि तुर्की की जोड़ी बिना दो अंकों की बढ़त के गेम कैसे जीत गई। दरअसल, बैडमिंटन के मौजूदा 21-प्वाइंट स्कोरिंग सिस्टम में 20-20 के बाद गेम जीतने के लिए दो अंकों की बढ़त जरूरी होती है। यानी 22-20, 23-21 या 24-22 जैसे स्कोर से गेम जीता जा सकता है।
हालांकि, इस नियम की एक सीमा भी है। जब स्कोर 29-29 तक पहुंच जाता है तो दो अंकों की बढ़त की जरूरत खत्म हो जाती है। इसके बाद अगला रैली जीतने वाला खिलाड़ी या जोड़ी सीधे गेम 30-29 से अपने नाम कर लेती है। यानी मौजूदा नियमों के तहत 31-29 या 32-30 जैसा स्कोर संभव नहीं है।
यही अशिथ सूर्य और अमृता प्रमुथेश के मुकाबले में हुआ। दोनों जोड़ियां लगातार अंक हासिल करती रहीं और स्कोर 29-29 पर पहुंच गया। इसके बाद तुर्की की जोड़ी ने निर्णायक रैली जीती और दूसरा गेम 30-29 से अपने नाम कर लिया। इस तरह मुकाबला एक-एक गेम की बराबरी पर आ गया। इसके बाद निर्णायक गेम में भी तुर्की ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 24-22 से जीत दर्ज की।
29-29 के बाद मिलने वाले इस एक निर्णायक अंक को आमतौर पर 'गोल्डन प्वाइंट' या अचानक मौत (सडन डेथ) के तौर पर समझा जाता है। इस स्थिति में अगले रैली का नतीजा ही गेम का फैसला कर देता है। भारतीय जोड़ी के लिए यह खास तौर पर निराशाजनक रहा क्योंकि उसने पहला गेम जीतकर मुकाबले में अच्छी शुरुआत की थी।
बैडमिंटन में इस तरह के रोमांचक मुकाबले पहले भी देखने को मिले हैं। 2021 ऑल इंग्लैंड फाइनल में मलेशिया के ली जी जिया ने विक्टर एक्सेलसन के खिलाफ पहला गेम 30-29 से जीता था और बाद में निर्णायक गेम 21-9 से जीतकर खिताब अपने नाम किया था।
गौरतलब है कि बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन प्रस्तावित 3×15 स्कोरिंग सिस्टम पर भी काम कर रहा है। इस व्यवस्था में गेम 15 अंकों का होगा और 14-14 के बाद अगला अंक निर्णायक बन सकता है। हालांकि, नई दिल्ली में जारी विश्व चैंपियनशिप में मौजूदा 21-प्वाइंट सिस्टम ही लागू है।
इसलिए 29-30 का स्कोर किसी गलती या नियम के अपवाद का नतीजा नहीं था। यह मौजूदा बैडमिंटन नियमों के तहत संभव है, जहां 29-29 के बाद सिर्फ एक रैली गेम का फैसला करती है। इस रोमांचक मुकाबले में वह रैली तुर्की के पक्ष में गई और भारतीय जोड़ी को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।

