IND vs NZ 3rd ODI : घरेलू रिकॉर्ड बचाने उतरेगा भारत, इतिहास रचने की फिराक में न्यूजीलैंड

punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 03:18 PM (IST)

इंदौर : घरेलू मैदान पर वनडे में शानदार रिकॉर्ड रखने वाली भारतीय टीम रविवार को यहां न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मुकाबले में उसे बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी। तीन मैचों की श्रृंखला फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है, ऐसे में यह मुकाबला निर्णायक बन गया है। दूसरी ओर न्यूजीलैंड की नजर भारत में पहली बार द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला जीतकर इतिहास रचने पर टिकी होगी।

मार्च 2019 के बाद से भारत ने अपने घरेलू मैदान पर कोई भी द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला नहीं गंवाई है। उस समय ऑस्ट्रेलिया ने 0-2 से पिछड़ने के बावजूद 3-2 से श्रृंखला अपने नाम की थी। अब एक बार फिर यह रिकॉर्ड दांव पर लगा है। न्यूजीलैंड के लिए भी यह मैच बेहद अहम है, क्योंकि 1989 से भारत के दौरों के बावजूद वह यहां कभी वनडे श्रृंखला नहीं जीत सका है। मौजूदा परिस्थितियों में यह उसके लिए सुनहरा मौका माना जा रहा है।

गंभीर की अगुआई में दबाव में भारत

भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर नहीं चाहेंगे कि उनके कार्यकाल में घरेलू मैदान पर एक और श्रृंखला हाथ से निकल जाए। उनके कोच रहते भारत ने घर में पांच टेस्ट गंवाए हैं और पहली बार श्रीलंका में वनडे श्रृंखला भी हारी है। राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे में भारत की हार किसी एक असाधारण पारी का नतीजा नहीं थी, बल्कि बीच के ओवरों में न्यूजीलैंड के शानदार नियंत्रण का परिणाम थी।

स्पिन के खिलाफ संघर्ष और इंदौर की चुनौती

डैरिल मिचेल का नाबाद शतक सुनियोजित आक्रामकता का बेहतरीन उदाहरण था, जिसमें उन्होंने खास तौर पर भारतीय स्पिनरों को निशाना बनाया। यह वही विभाग है जिसमें भारत हाल के दिनों में संघर्ष करता नजर आया है। इंदौर के होलकर स्टेडियम की छोटी बाउंड्री और गेंदबाजों को सीमित मदद मिलने के कारण गलती की गुंजाइश बेहद कम होगी।

भारतीय बल्लेबाजी में गहराई जरूर है, लेकिन बीच के ओवरों में स्पिनरों के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट करने में दिक्कत सामने आई है। बड़े स्कोर वाले इस मैदान पर मिडिल ओवर्स निर्णायक साबित हो सकते हैं।

रोहित पर नजर, कोहली बना आधार

इस श्रृंखला में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले रोहित शर्मा पर सबकी निगाहें होंगी। शीर्ष क्रम में उनका आक्रामक रवैया भारत की रणनीति का अहम हिस्सा रहा है, लेकिन लगातार जल्दी आउट होना चिंता का विषय है। वहीं विराट कोहली अब भी भारतीय वनडे बल्लेबाजी की रीढ़ बने हुए हैं।

टीम संयोजन पर मंथन

यह देखना दिलचस्प होगा कि अंतिम एकादश में नीतीश कुमार रेड्डी और आयुष बडोनी में से किसे मौका मिलता है। रेड्डी तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हैं, जबकि बडोनी मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज और ऑफ स्पिन विकल्प भी देते हैं। परिस्थितियां बडोनी के पक्ष में जा सकती हैं।

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की वापसी से भारतीय आक्रमण को धार मिल सकती है। उनकी स्विंग, सटीक लाइन-लेंथ और डेथ ओवरों की यॉर्कर भारत को रणनीतिक बढ़त दे सकती है। हालांकि सवाल यही है कि वह किसकी जगह टीम में आते हैं—मोहम्मद सिराज को बाहर रखना आसान नहीं होगा।

न्यूजीलैंड का आत्मविश्वास

न्यूजीलैंड की टीम आत्मविश्वास से भरी है। डेवोन कॉनवे और डैरिल मिचेल जैसे बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती होंगे। भले ही उनके गेंदबाज बड़े नाम न हों, लेकिन विविधता और सटीक लेंथ के दम पर उन्होंने असरदार प्रदर्शन किया है। होलकर स्टेडियम जैसे छोटे मैदान पर कौशल के साथ-साथ सही फैसले लेना भी बेहद अहम होगा।


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Content Editor

Ishtpreet Singh

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