IND vs WI 5th T20I: निर्णायक मुकाबले में भारत को करने होंगे 3 बड़े बदलाव, इस खिलाड़ी की हो सकती है प्लेइंग XI में वापसी
punjabkesari.in Friday, Oct 16, 2026 - 02:02 PM (IST)
नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का पांचवां और निर्णायक मुकाबला 17 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। सीरीज फिलहाल 2-2 से बराबर है। ऐसे में दोनों टीमों की नजरें आखिरी मुकाबला जीतकर सीरीज अपने नाम करने पर होंगी।
हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय टीम को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा था। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने निर्णायक मुकाबले से पहले अपना आत्मविश्वास मजबूत किया है। भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है, जबकि तिलक वर्मा उपकप्तान की भूमिका निभा रहे हैं। भारत ने इससे पहले तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से जीती थी, लेकिन टी20 सीरीज में दोनों टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है। अब सीरीज जीतने के लिए भारतीय टीम को अपनी रणनीति में कुछ अहम बदलाव करने पड़ सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे तीन बदलाव, जिन पर टीम प्रबंधन विचार कर सकता है।
1. कुलदीप यादव की प्लेइंग इलेवन में हो सकती है वापसी
भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव ने सीरीज के शुरुआती दो टी20 मुकाबले खेले थे, लेकिन तीसरे और चौथे मैच में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। ऐसे में निर्णायक मुकाबले के लिए उनकी टीम में वापसी पर विचार किया जा सकता है। कुलदीप ने इसी दौरे पर खेली गई वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था। वह तीन मैचों में सात विकेट लेकर भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे थे। इस प्रदर्शन ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को एक बार फिर साबित किया। कुलदीप ने अपना पिछला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 15 फरवरी 2026 को पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। वह अब तक 54 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। बेंगलुरु की परिस्थितियों को देखते हुए उनकी रिस्ट-स्पिन गेंदबाजी भारतीय टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला टीम संयोजन और पिच की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
2. मध्य ओवरों में बल्लेबाजी की रफ्तार बढ़ानी होगी
पूरी सीरीज के दौरान भारतीय टीम को कई मौकों पर अच्छी शुरुआत मिली है, लेकिन मध्य ओवरों में रन गति बनाए रखने में परेशानी हुई है। शुरुआती ओवरों में बनाए गए दबाव को बड़े स्कोर में बदलने में टीम लगातार सफल नहीं रही है। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड बल्लेबाजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। ऐसे में भारतीय मध्यक्रम के बल्लेबाजों को अधिक सकारात्मक रवैया अपनाना होगा। बल्लेबाजों को स्ट्राइक रोटेट करने, नियमित अंतराल पर बाउंड्री लगाने और ढीली गेंदों का फायदा उठाने पर ध्यान देना होगा। निर्णायक मुकाबले में मध्य ओवरों के दौरान रन गति में सुधार भारत की जीत की संभावनाओं को मजबूत कर सकता है।
3. तेज गेंदबाजों को अपनी रणनीति में लानी होंगी विविधताएं
सीरीज में भारतीय तेज गेंदबाजों ने मुख्य रूप से अपनी गति और लाइन-लेंथ पर भरोसा किया है। हालांकि, बेंगलुरु जैसे बल्लेबाजी के अनुकूल मैदान पर केवल एक ही रणनीति के सहारे विपक्षी बल्लेबाजों को रोकना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में भारतीय गेंदबाजों को कटर, धीमी गेंदों और पिच पर अतिरिक्त उछाल हासिल करने वाली गेंदों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करना होगा। खासकर मध्य ओवरों और डेथ ओवरों में गति में बदलाव बल्लेबाजों की लय बिगाड़ सकता है। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने से रोकने के लिए भारतीय गेंदबाजों को परिस्थितियों के अनुसार अपनी योजना बदलनी होगी। सही समय पर धीमी गेंदों का इस्तेमाल और सटीक यॉर्कर निर्णायक मुकाबले में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
सीरीज जीतने के लिए भारत को करना होगा बेहतर प्रदर्शन
भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज 2-2 से बराबर होने के कारण पांचवां मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय टीम को जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी में निरंतरता, मध्य ओवरों में बेहतर रन गति और गेंदबाजी में विविधताओं पर ध्यान देना होगा। कुलदीप यादव की संभावित वापसी और टीम की रणनीति में बदलाव निर्णायक मुकाबले को दिलचस्प बना सकते हैं। अब देखना होगा कि भारतीय टीम आखिरी मैच में किस संयोजन के साथ मैदान पर उतरती है और सीरीज अपने नाम करने में सफल होती है या नहीं।

