इंग्लैंड के खिलाफ महिला टी20 श्रृंखला जीतने के लिए भारतीय मध्यक्रम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

punjabkesari.in Monday, Jun 01, 2026 - 07:27 PM (IST)

टांटन : भारतीय टीम मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार को यहां तीसरे और निर्णायक महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उतरेगी तो उसे दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष जैसी भरोसेमंद बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी, ताकि टीम अपने मध्यक्रम की समस्याओं का समाधान तलाश सके। भारतीय टीम ने इस श्रृंखला का विजयी आगाज किया था, लेकिन इंग्लैंड ने दूसरा टी20 मुकाबला जीतकर शानदार वापसी की। 

इस महीने 12 जून से शुरू होने वाले महिला टी20 विश्व कप से पहले दोनों टीमें जीत के साथ अपना आत्मविश्वास बढ़ाना चाहेंगी। भारतीय टीम के लिए यह श्रृंखला आगामी विश्व कप से पहले इंग्लैंड की परिस्थितियों में अपने सर्वश्रेष्ठ संयोजन को परखने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। चोट से वापसी कर रहीं यास्तिका भाटिया ने पहले टी20 में अर्धशतकीय पारी खेली थी, लेकिन दूसरे मैच में वह तेजी से रन बनाने में नाकाम रहीं और 33 रन के निजी स्कोर पर रिटायर्ड आउट हो गईं। 

जेमिमा रोड्रिग्स ने भी एक अर्धशतक लगाया, जबकि स्मृति मंधाना और आक्रामक सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने दूसरे मैच में अच्छी शुरुआत की थी। दोनों ही मुकाबलों में भारतीय टीम अंतिम पांच ओवरों में अपनी लय बनाए रखने में असफल रही। विशेष रूप से बड़े शॉट खेलने के लिए जानी जाने वाली ऋचा घोष अभी तक अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सकी हैं। पहले मैच में यास्तिका और जेमिमा की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने सात विकेट पर 188 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था, जबकि 16वें से 20वें ओवर के बीच टीम केवल 40 रन ही जोड़ पाई थी। 

दूसरे मैच में 169 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत एक समय एक विकेट पर 70 रन बनाकर मजबूत स्थिति में था, लेकिन अंतिम चरण में बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और 16वें से 20वें ओवर के दौरान टीम ने पांच विकेट गंवाकर सिर्फ 28 रन बनाए। ऋचा को छोड़ दें तो भारतीय टीम में लंबे छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की संख्या सीमित है। ऐसे में कप्तान हरमनप्रीत कौर को पारी के अंत तक टिककर बल्लेबाजी करनी होगी और टीम के स्कोर को 190 से 200 रन के आसपास पहुंचाने की जिम्मेदारी उठानी होगी। 

महिला क्रिकेट में यह स्कोर अधिकांश मौकों पर मैच जिताने वाला साबित होता है। दूसरी ओर, इंग्लैंड की बल्लेबाजी भी चिंता का विषय रही है। दो मैचों में एमी जोन्स का 67 रन ही एकमात्र अर्धशतक रहा है। अन्य अनुभवी बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत तो की, लेकिन वे उसे बड़ी पारी में तब्दील करने और लंबे समय तक दबदबा बनाए रखने में सफल नहीं हो सकीं। 

टीमें इस प्रकार है :

भारत : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फूलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, ​​यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), नंदिनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव 

इंग्लैंड : एम ओर्लोट, टैमी ब्यूमोंट, लॉरेन बेल, एलिस कैप्सी, चार्ली डीन, सोफिया डंकले, सोफी एक्लेस्टोन, लॉरेन फिलर, एमी जोन्स, नैट साइवर-ब्रंट, पेज स्कोफील्ड, लिन्से स्मिथ, डैनी वाट हॉज, इसी वोंग 

समय : रात 11 बजे से


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Content Writer

Sanjeev

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