किदांबी श्रीकांत का दमदार प्रदर्शन, अमेरिकी ओपन बैडमिंटन के फाइनल में बनाई जगह

punjabkesari.in Sunday, Jun 28, 2026 - 12:28 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय बैडमिंटन स्टार किदांबी श्रीकांत ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए अमेरिकी ओपन सुपर 300 बैडमिंटन चैंपियनशिप के पुरुष एकल फाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में उन्होंने जापान के युदाई ओकिमोतो को तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में हराया। अब खिताब के लिए श्रीकांत का सामना चीनी ताइपे के सु ली यांग से होगा। वहीं, युवा खिलाड़ी रौनक चौहान और महिला एकल में देविका सिहाग का सफर सेमीफाइनल में समाप्त हो गया।

72 मिनट तक चला रोमांच, श्रीकांत ने दिखाई जबरदस्त वापसी

फुलर्टन (अमेरिका) में खेले गए पुरुष एकल सेमीफाइनल में विश्व रैंकिंग में 38वें स्थान पर काबिज किदांबी श्रीकांत ने जापान के विश्व नंबर-33 युदाई ओकिमोतो को 22-20, 15-21, 21-19 से हराया। करीब 72 मिनट तक चले इस मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। पहला गेम बेहद रोमांचक रहा, जिसमें श्रीकांत ने 22-20 से जीत दर्ज कर बढ़त बनाई। हालांकि दूसरे गेम में ओकिमोतो ने शानदार वापसी करते हुए 21-15 से मुकाबला बराबर कर दिया। निर्णायक तीसरे गेम में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच लगातार संघर्ष चलता रहा, लेकिन अनुभव का फायदा उठाते हुए श्रीकांत ने 21-19 से गेम और मैच अपने नाम कर लिया।

सीजन का पहला फाइनल, खिताब से सिर्फ एक कदम दूर

इस जीत के साथ किदांबी श्रीकांत ने 2026 सीजन का अपना पहला फाइनल खेलने का अधिकार हासिल कर लिया है। अब खिताबी मुकाबले में उनका सामना चीनी ताइपे के सु ली यांग से होगा, जिन्होंने दूसरे सेमीफाइनल में भारत के युवा खिलाड़ी रौनक चौहान को सीधे गेमों में हराया। श्रीकांत के पास लंबे समय बाद बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 खिताब जीतने का सुनहरा मौका होगा।

रौनक चौहान का शानदार अभियान सेमीफाइनल में थमा

भारतीय युवा शटलर रौनक चौहान ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन सेमीफाइनल में उन्हें चीनी ताइपे के सु ली यांग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। सु ली यांग ने मुकाबला 21-17, 21-19 से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि रौनक ने दोनों गेमों में कड़ी चुनौती दी और अपने खेल से भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दिए।

देविका सिहाग भी फाइनल से चूकीं

महिला एकल वर्ग में भारत की छठी वरीयता प्राप्त देविका सिहाग भी फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। 54 मिनट तक चले सेमीफाइनल मुकाबले में उन्हें डेनमार्क की दूसरी वरीयता प्राप्त लाइन क्रिस्टोफरसन के खिलाफ 21-15, 11-21, 15-21 से हार झेलनी पड़ी। देविका ने पहला गेम जीतकर शानदार शुरुआत की थी, लेकिन अनुभवी डेनिश खिलाड़ी ने अगले दोनों गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

भारत की उम्मीदें अब श्रीकांत पर टिकीं

रौनक चौहान और देविका सिहाग के बाहर होने के बाद अब भारतीय चुनौती पूरी तरह किदांबी श्रीकांत पर आकर टिक गई है।अनुभवी भारतीय शटलर के पास न सिर्फ इस सीजन का पहला खिताब जीतने का मौका है, बल्कि लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी शानदार वापसी को भी यादगार बनाने का सुनहरा अवसर होगा।


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Content Editor

Ishtpreet Singh

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