कमेंट्री से बाहर होने पर भारतीय कमेंटेटर ने तोड़ी चुप्पी, BCCI कर्मचारी से विवाद का किया खुलासा

punjabkesari.in Saturday, Mar 21, 2026 - 03:31 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : पूर्व भारतीय लेग स्पिनर और कमेंटेटर Laxman Sivaramakrishnan ने BCCI की कमेंट्री से अपने बाहर होने पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि वह अब BCCI के लिए कमेंट्री नहीं करेंगे। उनके इस पोस्ट के बाद क्रिकेट जगत में बड़ा विवाद खड़ा हो गया और सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई।

जय शाह और BCCI को लेकर दी सफाई

शिवरामकृष्णन ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनका विवाद BCCI प्रशासन या ICC चेयरमैन Jay Shah से नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला BCCI के एक कर्मचारी के साथ व्यक्तिगत विवाद का है। उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में Board of Control for Cricket in India प्रशासन को बीच में नहीं लाना चाहिए। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह अब अपनी जिंदगी का फैसला खुद लेना चाहते हैं और उन्हें ऐसा करने का पूरा अधिकार है।

23 साल तक बड़े रोल नहीं मिलने का आरोप

शिवरामकृष्णन ने आरोप लगाया कि 23 साल तक कमेंट्री पैनल का हिस्सा रहने के बावजूद उन्हें कभी टॉस, प्रेजेंटेशन या पिच रिपोर्ट जैसे बड़े रोल नहीं दिए गए, जबकि नए कमेंटेटर्स को ये मौके मिलते रहे। उन्होंने कहा कि यहां तक कि Ravi Shastri के कोच रहते हुए भी नए लोगों को मौके मिलते रहे।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई लोगों ने इसे कमेंट्री में भेदभाव और पक्षपात से जोड़कर देखा। हालांकि बाद में शिवरामकृष्णन ने फिर कहा कि उनका मुद्दा किसी व्यक्ति विशेष से है, न कि पूरे बोर्ड से।

शानदार रहा क्रिकेट करियर

60 साल के शिवरामकृष्णन का क्रिकेट करियर भी शानदार रहा है। उन्होंने 1984-85 में ऑस्ट्रेलिया में खेले गए बेन्सन एंड हेजेस वर्ल्ड चैम्पियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया था। इसके अलावा वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में 12 विकेट लेकर उन्होंने घरेलू क्रिकेट में भी यादगार प्रदर्शन किया था। उन्होंने भारत के लिए 9 टेस्ट और 16 वनडे मैच खेले।

मौके कम मिलने का दावा

क्रिकेट से संन्यास के बाद वह 20 साल से ज्यादा समय तक कमेंट्री से जुड़े रहे, लेकिन उनका दावा है कि उन्हें कभी बड़े मौके नहीं दिए गए। अब उनके इस खुलासे के बाद क्रिकेट ब्रॉडकास्टिंग में अवसर और निष्पक्षता को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है।


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Content Editor

Ishtpreet Singh

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