LA 2028 ओलंपिक का टिकट मिलने पर बोले मनप्रीत सिंह, ''अब अपनी कमजोरियों पर काम करेंगे''
punjabkesari.in Sunday, Oct 04, 2026 - 12:23 PM (IST)
नई दिल्ली: भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा है कि एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालीफाई करना टीम के लिए बेहद अहम है। भारत ने शनिवार को फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स पुरुष हॉकी का गोल्ड मेडल जीता।
इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने LA 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है। अब टीम को ओलंपिक क्वालीफायर में खेलने की जरूरत नहीं होगी, जिससे खिलाड़ियों और टीम मैनेजमेंट को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
मनप्रीत सिंह बोले- अब अपनी कमजोरियों पर काम कर सकते हैं
मनप्रीत सिंह ने कहा कि सीधे ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टीम को क्वालीफायर की तैयारी में समय नहीं लगाना पड़ेगा। इस दौरान भारत अपनी कमियों पर काम करते हुए लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए बेहतर तैयारी कर सकता है।
मनप्रीत ने IANS से कहा, 'एशियन गेम्स हमारे लिए एक महत्वपूर्ण टूर्नामेंट था। हमने LA ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है। इसलिए हमें क्वालीफायर राउंड नहीं खेलना पड़ेगा और हम खुद पर काम कर सकते हैं और जिन चीजों पर काम करने की जरूरत है, उन पर ध्यान दे सकते हैं। कुल मिलाकर एशियन गेम्स में हमारा प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा।'
मनप्रीत ने रचा खास रिकॉर्ड
मलेशिया के खिलाफ गोल्ड जीतने के साथ मनप्रीत सिंह ने भी भारतीय हॉकी में एक खास उपलब्धि हासिल की। वह तीन एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीतने वाले इकलौते भारतीय हॉकी खिलाड़ी बन गए हैं। अनुभवी मिडफील्डर के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह लंबे समय से भारतीय हॉकी टीम के अहम सदस्य रहे हैं। एशियन गेम्स में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के साथ उनका अनुभव टीम को बड़े टूर्नामेंटों में काफी मदद देता रहा है।
2024 पेरिस ओलंपिक के लिए भी एशियन गेम्स से मिला था टिकट
भारत ने पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए भी एशियन गेम्स के जरिए सीधे क्वालीफाई किया था। 2023 में हांगझोउ एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी टीम ने गोल्ड मेडल जीता था, जिसके बाद उसे पेरिस ओलंपिक का सीधा टिकट मिला था। उस समय भी भारत को ओलंपिक से पहले तैयारी के लिए अच्छा समय मिला था। भारतीय टीम ने पेरिस ओलंपिक में इस मौके का फायदा उठाया और लगातार दूसरी बार ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इससे पहले भारत ने टोक्यो ओलंपिक 2021 में भी हॉकी में तीसरे स्थान पर रहते हुए ब्रॉन्ज जीता था।
टोक्यो और पेरिस में मेडल जीतने वाली इकलौती टीम रही भारत
भारत की पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो 2021 और पेरिस 2024, दोनों ओलंपिक में मेडल जीते। इन दोनों संस्करणों में भारत ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहा। भारत ऐसी इकलौती टीम थी, जिसने टोक्यो और पेरिस दोनों ओलंपिक में हॉकी का मेडल अपने नाम किया। इन दोनों ओलंपिक संस्करणों में अन्य पदक जीतने वाली टीमों में बदलाव देखने को मिला, लेकिन भारत ने अपनी निरंतरता बरकरार रखी।
वर्ल्ड कप की खराब याद के बाद मिला बड़ा बूस्ट
एशियन गेम्स गोल्ड और ओलंपिक टिकट भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में टीम का वर्ल्ड कप अभियान उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। अगस्त में हुए वर्ल्ड कप में भारतीय पुरुष टीम आठवें स्थान पर रही थी और सेमीफाइनल में जगह बनाने में नाकाम रही थी। ऐसे में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना भारतीय टीम के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला परिणाम है। इस जीत से टीम को आगे की तैयारियों के लिए नई ऊर्जा मिलेगी।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी जीता गोल्ड
भारतीय पुरुष टीम के साथ महिला हॉकी टीम ने भी एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर LA 2028 ओलंपिक का सीधा टिकट हासिल किया। सलिमा टेटे की कप्तानी वाली टीम ने फाइनल में मौजूदा ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट चीन को 1-0 से हराया।
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने भी सीधे लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया। यानी भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमें अब LA 2028 की तैयारी पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर सकती हैं।
पहली बार पुरुष और महिला दोनों टीमों ने एक ही एशियन गेम्स में जीता गोल्ड
एशियन गेम्स के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण में गोल्ड मेडल जीता है। पुरुष टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराया, जबकि महिला टीम ने चीन को 1-0 से मात दी। महिला टीम के लिए यह एशियन गेम्स में सिर्फ दूसरा गोल्ड मेडल था। इससे पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1982 के एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था।
LA 2028 से पहले तैयारी का बड़ा मौका
एशियन गेम्स में गोल्ड और सीधे ओलंपिक टिकट मिलने के बाद भारतीय हॉकी टीम के पास अब लॉस एंजेलिस 2028 तक अपनी तैयारियों को बेहतर बनाने का पर्याप्त मौका होगा। क्वालीफायर का दबाव नहीं होने से टीम अपनी फिटनेस, रणनीति, कॉम्बिनेशन और कमजोरियों पर ज्यादा ध्यान दे सकती है। मनप्रीत सिंह का मानना है कि यही अतिरिक्त समय भारत को ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

