मुश्किल समय में यादगार बल्लेबाजी, अजिंक्य रहाणे की बेहतरीन टेस्ट इनिंग्स पर डालें नजर

punjabkesari.in Thursday, Jul 30, 2026 - 12:53 PM (IST)

जालंधर : साल 2021 में चोटों से जूझ रही भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में एक असंभव जीत दिलाने वाले भारत के सीनियर बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया। उन्होंने कहा कि अब उनके लिए "आगे बढ़ने" का सही समय है। इस 38 वर्षीय खिलाड़ी ने 2013 में शुरू हुए अपने करियर में भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 मैच खेले। हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ 2023 की अवे टेस्ट सीरीज के बाद से वह भारत के लिए नहीं खेले, लेकिन इस साल के IPL तक भी उन्होंने वापसी के सपने को नहीं छोड़ा था। आइए रहाणे की कुछ खास इनिंग्स पर नजर डालते हैं जो मुश्किल समय में भारत के लिए यादगार बन गई : 

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इंग्लैंड के खिलाफ 103 रन (लॉर्ड्स, 2014) 

रहाणे का यह शानदार शतक तब आया जब भारत पहली पारी में 145/7 के स्कोर पर संघर्ष कर रहा था। उन्होंने इंग्लैंड की मुश्किल परिस्थितियों में संयम के साथ शतक लगाया और भारत को 295 रनों के प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया। इस पारी की बदौलत उन्हें लॉर्ड्स के 'ऑनर्स बोर्ड' पर जगह मिली। यह पारी निर्णायक साबित हुई और भारत ने 'होम ऑफ क्रिकेट' (लॉर्ड्स) पर अपनी यादगार जीत दर्ज की। 

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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 147 रन (मेलबर्न, 2014)

जब रहाणे क्रीज पर आए तो भारत दबाव में था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों के खिलाफ जबरदस्त जवाबी हमला किया। उन्होंने सिर्फ 171 गेंदों पर 147 रन बनाए और MCG की तेज पिच पर मिशेल जॉनसन, जोश हेजलवुड और रयान हैरिस जैसे गेंदबाजों का डटकर सामना किया। विराट कोहली के साथ उनकी 262 रनों की साझेदारी ने पारी का रुख पूरी तरह से बदल दिया। इसके बाद रहाणे ने दूसरी पारी में भी 48 रन बनाए जिससे भारत मैच ड्रॉ कराने में सफल रहा। इस पारी को किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा विदेशों में खेली गई सबसे बेहतरीन टेस्ट शतकीय पारियों में से एक माना जाता है।

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न्यूजीलैंड के खिलाफ 188 रन (इंदौर, 2016) 

जब भारत का स्कोर 100/3 हो गया था, तब रहाणे ने 188 रनों का अपना सर्वोच्च टेस्ट स्कोर बनाया। उन्होंने विराट कोहली के साथ चौथे विकेट के लिए उस समय का रिकॉर्ड 365 रनों की साझेदारी की और न्यूजीलैंड से मैच पूरी तरह छीन लिया।उनकी पारी में धैर्य और शानदार स्ट्रोकप्ले का मेल था जिससे उन्होंने छह घंटे से ज्यादा समय तक बल्लेबाजी की। उनकी 381 गेंदों की पारी में 18 चौके और चार छक्के शामिल थे। भारत ने 557/5 (पारी घोषित) का स्कोर बनाया और शानदार जीत के साथ सीरीज अपने नाम की। 

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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 112 रन (मेलबर्न, 2020) 

एडिलेड में 36 रन पर ऑल आउट होने और विराट कोहली के टीम में न होने के बाद भारत की कमान संभालते हुए रहाणे ने बेहतरीन कप्तानी पारी खेली। मुश्किल MCG पिच पर उनकी 112 रनों की संयमित पारी ने भारत को पहली पारी में 131 रनों की अहम बढ़त दिलाई। इस शतक ने सीरीज का रुख बदल दिया और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को बराबरी पर ला दिया।यह भारत की अब तक की सबसे शानदार विदेशी टेस्ट जीतों में से एक में खेली गई सबसे यादगार पारियों में से एक है। 

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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 89 रन, WTC फाइनल (द ओवल, 2023)

दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने टीम में वापसी की और ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023 के फाइनल में 'द ओवल' पर अपनी सबसे बेहतरीन पारियों में से एक खेली। इस दौरान रहाणे का शानदार खेल 89 रनों पर खत्म हुआ, जब कैमरन ग्रीन ने एक अद्भुत कैच लपका। हालांकि भारत अंततः ऑस्ट्रेलिया से हार गया, लेकिन पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, स्कॉट बोलैंड और नाथन लियोन जैसे बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ रहाणे की पहली पारी की शानदार बल्लेबाजी टेस्ट क्रिकेट में उनके सबसे अहम योगदानों में से एक मानी जाती है। 


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Content Writer

Sanjeev

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