CWG 2026: भारत को बड़ा झटका, राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी गुरिंदरवीर सिंह का 100 मीटर हीट में सफर समाप्त
punjabkesari.in Monday, Jul 27, 2026 - 04:22 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत की सबसे बड़ी एथलेटिक्स पदक उम्मीदों में शामिल गुरिंदरवीर सिंह पुरुषों की 100 मीटर स्पर्धा के शुरुआती हीट से आगे नहीं बढ़ सके। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी भारतीय धावक सेमीफाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे, जिससे भारत की एथलेटिक्स में पदक की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
गुरिंदरवीर ने मई 2026 में रांची में आयोजित फेडरेशन कप में 10.09 सेकंड का समय निकालकर इतिहास रचा था। वह 10.10 सेकंड से कम समय में 100 मीटर दौड़ने वाले पहले भारतीय पुरुष धावक बने थे। इस प्रदर्शन के बाद उनसे राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन की उम्मीदें थीं, लेकिन अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।
10.39 सेकंड का समय भी नहीं दिला सका सेमीफाइनल का टिकट
100 मीटर हीट में गुरिंदरवीर सिंह ने 10.39 सेकंड का समय निकाला। हालांकि यह प्रदर्शन सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा। सभी 11 हीट समाप्त होने के बाद गुरिंदरवीर 73 धावकों में 28वें स्थान पर रहे। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए शीर्ष 17 धावकों को जगह मिली। रिपोर्ट के अनुसार यदि गुरिंदरवीर 10.24 सेकंड का समय निकालते तो वह अगले दौर के लिए क्वालिफाई कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर पहुंचे थे ग्लास्गो
गुरिंदरवीर ने फेडरेशन कप में 10.09 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उन्होंने यह रिकॉर्ड बनाते हुए अनिमेष कुजूर के एक दिन पहले बने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया था। इसी वजह से उन्हें ग्लास्गो में भारत के संभावित पदक विजेताओं में गिना जा रहा था।
अब हाई जंप पर टिकी भारत की नजर
गुरिंदरवीर के बाहर होने के बाद अब भारतीय एथलेटिक्स दल की उम्मीदें पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा पर टिकी हैं। फाइनल में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी सर्वेश कुशारे, पूर्व राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी तेजस्विन शंकर और आदर्श राम ज्योति शंकर भारत की चुनौती पेश करेंगे। सर्वेश कुशारे हाल ही में 2.31 मीटर की छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने मोनाको डायमंड लीग में तीसरा स्थान हासिल कर शानदार फॉर्म का भी परिचय दिया था।
तेजस्विन शंकर से भी पदक की उम्मीद
हालांकि तेजस्विन शंकर पिछले कुछ वर्षों से डेकाथलॉन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, लेकिन हाई जंप में उनका अनुभव भारत के लिए बड़ी ताकत माना जा रहा है। उन्होंने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था और वह इस स्पर्धा में भारत के इकलौते पदक विजेता हैं।
तेजस शिर्से भी एक्शन में
भारत के एक और राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी तेजस शिर्से सोमवार को पुरुषों की 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा की हीट में उतरेंगे। यदि वह क्वालिफाई करने में सफल रहते हैं तो उसी दिन फाइनल में भी हिस्सा लेंगे।

