''कुछ मुद्दे हम सभी से जुड़े हैं'', अभिनव बिंद्रा का NEET परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर बड़ा बयान

punjabkesari.in Thursday, Jul 23, 2026 - 12:54 PM (IST)

नई दिल्ली : भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा ने गुरुवार को एक ऐसे एजुकेशन सिस्टम की मांग की जो 'भरोसा जगाए'। यह मांग NEET परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच की गई है जिनकी वजह से देश भर में कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली। बिंद्रा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग वाले आंदोलन पर सीधे कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन एक पारदर्शी और मेरिट-आधारित सिस्टम की जरूरत पर जोर दिया। 

उन्होंने X पर पोस्ट किया, 'मैंने कभी खुद को राजनीतिक व्यक्ति नहीं माना। लेकिन मेरा मानना ​​है कि कुछ मुद्दे हम सभी से जुड़े हैं, चाहे हम किसी भी पक्ष में हों। शिक्षा उनमें से एक है।' उन्होंने कहा, 'किसी देश की पहचान सिर्फ उसकी अर्थव्यवस्था या उसकी उपलब्धियों से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वह अपने युवाओं के लिए कितने मौके बनाता है। एक ऐसा एजुकेशन सिस्टम जो भरोसा जगाए, मेरिट को इनाम दे और जिज्ञासा को बढ़ावा दे, वह देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक होता है।' 

उन्होंने आगे कहा, 'मुझे उम्मीद है कि हम सब मिलकर अपने एजुकेशन सिस्टम को लगातार मजबूत करने के लिए काम कर सकते हैं, ताकि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए मौकों, इनोवेशन और उम्मीद का जरिया बना रहे।' 

इन विरोध-प्रदर्शनों की अगुवाई 'कॉकरोच जनता पार्टी' कर रही है और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक लगातार उपवास रखकर इसका समर्थन कर रहे हैं। जंतर-मंतर पर उपवास कर रहे वांगचुक को पहले सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था क्योंकि उनके जरूरी स्वास्थ्य पैरामीटर गिर रहे थे। अब वह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में हैं, उनकी पत्नी ने उन्हें सरकारी अस्पताल से दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हजारों छात्रों ने 20 जुलाई को अपनी निराशा जाहिर करने के लिए संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की लेकिन दिल्ली पुलिस ने बल प्रयोग करके (आंसू गैस और लाठीचार्ज) उन्हें रोक दिया। 


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Content Writer

Sanjeev

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