निहाल सरीन पहली बार विश्व टॉप-20 में, यूरोपियन क्लब कप के दम पर 19वें स्थान पर प

punjabkesari.in Tuesday, Nov 03, 2026 - 08:38 AM (IST)

हम्पी की टीम मोंटे-कार्लो ने जीता स्वर्ण, निहाल और हम्पी को बोर्ड स्वर्ण; नोवी बोर को रजत

नई दिल्ली (निकलेश जैन)। भारत के ग्रैंडमास्टर निहाल सरीन ने अपने करियर में पहली बार दुनिया के शीर्ष 20 शतरंज खिलाड़ियों में जगह बनाई है। अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फ़ीडे) की नवंबर 2026 की रेटिंग सूची में 22 वर्षीय निहाल को 11 अंकों का फ़ायदा हुआ है और उनकी रेटिंग 2720 हो गई है। इसके साथ वे 30वें स्थान से छलांग लगाकर दुनिया में 19वें स्थान पर आ गए हैं। यह उनकी अब तक की सबसे अच्छी विश्व रैंकिंग है। केरल के त्रिशूर के रहने वाले निहाल को यह सफलता मोंटेनेग्रो के बुडवा में हुए 41वें यूरोपियन चेस क्लब कप में शानदार खेल से मिली। वहां उन्होंने 6 में से 5 अंक बनाए और बोर्ड नंबर दो पर व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता।

नवंबर की सूची में दुनिया के शीर्ष 30 खिलाड़ियों में अब पांच भारतीय हैं। ये हैं आर. प्रज्ञानन्दा, अर्जुन एरिगैसी, विश्वनाथन आनंद, निहाल सरीन और विश्व चैंपियन डी. गुकेश। शीर्ष 100 में कुल 13 भारतीय खिलाड़ी हैं।

यूरोपियन क्लब कप में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा। बुडवा में 41वां यूरोपियन चेस क्लब कप और 30वां यूरोपियन महिला चेस क्लब कप साथ-साथ खेले गए। महिला वर्ग में भारत की ग्रैंडमास्टर कोनेरु हम्पी की टीम सर्कल डी'एशेक्स डी मोंटे-कार्लो (मोनाको) ने अपना खिताब बचाते हुए स्वर्ण पदक जीता। हम्पी ने बोर्ड नंबर दो पर सबसे अच्छे प्रदर्शन के लिए व्यक्तिगत स्वर्ण पदक भी जीता। ओपन वर्ग में निहाल सरीन और पेंटाला हरिकृष्णा की टीम नोवी बोर चेस क्लब (चेक गणराज्य) को रजत पदक मिला। हरिकृष्णा ने बोर्ड तीन पर रजत पदक जीता। मुरली कार्तिकेयन एलेक्ट्रोप्रिवेदा (मोंटेनेग्रो) की ओर से खेले और उन्होंने बोर्ड दो पर कांस्य पदक हासिल किया।

यह प्रतियोगिता 7 राउंड के स्विस प्रारूप में खेली गई। इसमें रिकॉर्ड 130 टीमों ने भाग लिया। इनमें 108 टीमें ओपन वर्ग में और 22 टीमें महिला वर्ग में थीं। इससे पहले 2025 में रोड्स में 122 टीमों का रिकॉर्ड बना था।

महिला वर्ग में अंतिम राउंड से पहले तीन टीमें संयुक्त रूप से शीर्ष पर थीं। ये थीं मोंटे-कार्लो, लक्ज़मबर्ग की सीई गैम्बिट बोनेवोई और अज़रबैजान की ओदलार युर्दु। मोंटे-कार्लो ने अंतिम राउंड में जॉर्जियाई टीम को एकतरफ़ा हराकर 12 अंक बनाए। गैम्बिट बोनेवोई ने सर्बिया की क्रवेना ज़्वेज़्दा को 2.5–1.5 से हराकर बराबरी कर ली। लेकिन बेहतर टाईब्रेक के आधार पर हम्पी की टीम चैंपियन बनी। सर्बिया की सिर्मियम स्रेम्स्का मित्रोवित्सा टीम तीसरे स्थान पर रही।

ओपन वर्ग में अंतिम राउंड से पहले भी तीन टीमें संयुक्त रूप से शीर्ष पर थीं। ये थीं नोवी बोर, तुर्की का बायेगन पेंडिक स्पोर्ट्स चेस क्लब और रोमानिया का सुपरचेस। निर्णायक राउंड में नोवी बोर ने मुरली कार्तिकेयन की टीम एलेक्ट्रोप्रिवेदा को हराया। इस मैच में निहाल सरीन, पेंटाला हरिकृष्णा और डेविड नवारा ने अपनी-अपनी बाज़ियाँ जीतीं और बाकी तीन बाज़ियाँ ड्रॉ रहीं।

दूसरी ओर बायेगन पेंडिक ने सुपरचेस को 3.5–2.5 से हराया। इस मैच में अनीश गिरी ने नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव को और अमीन तबातबाई ने हाइक मार्तिरोस्यान को मात दी। नोवी बोर और बायेगन पेंडिक दोनों के 13-13 मैच अंक रहे। बेहतर टाईब्रेक के आधार पर तुर्की का क्लब चैंपियन बना और नोवी बोर को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इज़राइल की रिशोन लेज़ियोन ए टीम 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रही।

 


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Content Editor

Niklesh Jain

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