नोवाक जोकोविच ने रचा इतिहास, विंबलडन में फेडरर के सबसे बड़े रिकॉर्ड की बराबरी
punjabkesari.in Saturday, Jul 04, 2026 - 12:37 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : सात बार के विंबलडन चैंपियन नोवाक जोकोविच ने तीसरे दौर में फ्रांस के आर्थर रिंदरकनेच को कड़े मुकाबले में 7-5, 6-4, 1-6, 7-6(4) से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल (चौथे दौर) में जगह बना ली। इस जीत के साथ जोकोविच ने विंबलडन पुरुष एकल में रोजर फेडरर के 105 जीत के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
फेडरर की बराबरी, अब सिर्फ एक खिलाड़ी आगे
39 वर्षीय सर्बियाई दिग्गज अब विंबलडन में पुरुष एकल के इतिहास में सबसे ज्यादा 105 मैच जीतने वाले खिलाड़ियों की सूची में रोजर फेडरर के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गए हैं। पूरे इतिहास में उनसे आगे सिर्फ महिला टेनिस की दिग्गज मार्टिना नवरातिलोवा हैं, जिन्होंने विंबलडन में 120 एकल मुकाबले जीते हैं।
विंबलडन में सबसे ज्यादा एकल मैच जीत
मार्टिना नवरातिलोवा – 120 जीत
रोजर फेडरर – 105 जीत
नोवाक जोकोविच – 105 जीत
जोकोविच बोले- इतिहास बनाना मेरे लिए सम्मान की बात
जीत के बाद जोकोविच ने कहा कि इस खेल में इतिहास रचना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा, 'इस खेल में इतिहास बनाना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान और सौभाग्य है। खासकर विंबलडन में, क्योंकि बचपन से यही मेरा सपना रहा है। मैं 105 या 106 जीत के बारे में नहीं सोच रहा, मेरा पूरा ध्यान हर मैच जीतने पर है।'
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'आज मैं सामान्य से ज्यादा दबाव में था। मुझे पता था कि मुकाबला आसान नहीं होगा। मैं खुश हूं कि इसे जीत पाया। अब मैं चाहता हूं कि 106वीं जीत के लिए मेरा मुकाबला रोजर फेडरर से ही हो जाए।'
रिंदरकनेच ने दी कड़ी टक्कर
दूसरे दौर में स्टेफानोस सित्सिपास को सीधे सेटों में हराने वाले जोकोविच इस बार अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नजर नहीं आए। फ्रांस के आर्थर रिंदरकनेच ने पहले दो सेट गंवाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए तीसरा सेट 6-1 से अपने नाम किया। चौथे सेट में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी और रोमांचक रैलियां देखने को मिलीं। रिंदरकनेच ने कई शानदार सर्विस और वॉली से दर्शकों को प्रभावित किया, लेकिन टाई-ब्रेक में जोकोविच के अनुभव ने बाजी पलट दी।
अब चौथे दौर में रोमन सफियुलिन से मुकाबला
अब जोकोविच का सामना चौथे दौर में क्वालिफायर रोमन सफियुलिन से होगा। सफियुलिन ने तीसरे दौर में ब्राजील के जोआओ फोन्सेका को 6-3, 6-3, 6-3 से हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई। चोटों से जूझने वाले सफियुलिन ने इस साल विंबलडन से पहले टूर स्तर पर एक भी मैच नहीं जीता था।

