ओलंपिक 2036 दावेदारी : एक्वाटिक्स, नौकायन, साइकिलिंग पर रहेगा जोर
punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 05:36 PM (IST)
नई दिल्ली : भारत की ओलंपिक 2036 की दावेदारी मजबूत करने के लिये पदक रणनीति में भी बदलाव किये जा रहे हैं ताकि एक्वाटिक्स और साइकिलिंग जैसे खेलों में भी मजबूती से उपस्थिति दर्ज कराई जा सके जिनमें आम तौर पर प्रदर्शन औसत रहता है । इन दोनों खेलों में सौ से अधिक ओलंपिक पदक दाव पर लगे होते हैं लेकिन भारत की झोली खाली ही रहती है।
खेल मंत्रालय के एक सू्त्र ने पीटीआई से कहा, ‘अगर हमारे देश में ओलंपिक होते हैं और हमारे खिलाड़ी छह पदक लेकर 71वें स्थान पर रहते हैं तो क्या यह अच्छा लगेगा, जैसा पेरिस (2024) में हुआ था। हमें इस पर तुरंत गौर करना होगा।' सूत्र ने कहा, ‘मेजबान देश ओलंपिक में अपना प्रदर्शन बेहतर करने पर जोर देते हैं ताकि अपने देश में होने वाले खेलों में मैदान पर भी उनका परचम लहराए।'
चीन ने 2008 बीजिंग ओलंपिक से ऐसे खेलों में अपने प्रदर्शन में सुधार किया जिसमें अतीत में उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। इनमें मुक्केबाजी, केनोइंग और तीरंदाजी शामिल है। सूत्र ने कहा, ‘भारत अपने खेलों के सफर में एक अहम मोड़ पर है और चुनौती यह पक्का करना है कि हम यहां से ऊपर उठें, नीचे न गिरे। बुनियादी ढांचा चिंता का विषय नहीं है, यह सबसे आसान काम है और शायद सबसे अधिक दिखने वाला भी, इसीलिए इसके प्रति जुनून है। बड़ी चिंता एक खेल देश के रूप में हमारे दर्जे की है।' इसलिए अब फोकस स्कूलों पर होगा जहां से 2036 ओलंपिक के भावी सितारे निकलेंगे।
उन खेलों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा जिनमें भारत का प्रदर्शन खास नहीं रहा है लेकिन जिनसे पदक मिल सकते हैं। इसके लिए एक्वाटिक्स, नौकायन और साइकिलिंग प्राथमिकता में हैं। एक्वाटिक्स में तैराकी, गोताखोरी, वाटरपोलो, कलात्मक तैयारी और ओपन वॉटर तैराकी शामिल है। इनमें लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में 36 स्पर्धाओं के 350 से अधिक कुल पदकों में से 55 दाव पर होंगे।
नौकायन में 15 स्पर्धाओं में 45 और साइकिलिंग में 22 स्पर्धाओं में 66 पदक दाव पर होंगे। सूत्र ने कहा, ‘हम उन खेलों पर फोकस करना चाहते हैं जिनमें अभी तक प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। इसके यह मायने नहीं हैं कि हम मुक्केबाजी, कुश्ती या निशानेबाजी की उपेक्षा करने जा रहे हैं। लेकिन अधिक पदक देने वाले खेलों की उपेक्षा नहीं की जा सकती।'

