IND vs PAK :  बहिष्कार के फैसले पर क्यों यू-टर्न ले सकता है पाकिस्तान? जानें पूरी वजह

punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 10:29 AM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : पाकिस्तान आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मुकाबले के बहिष्कार के अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकता है। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, 12 फरवरी को बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव पाकिस्तान को राजनीतिक तौर पर एक “एग्जिट रास्ता” दे सकते हैं। इसी वजह से भारत-पाकिस्तान क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता के बचने की उम्मीदें बढ़ती दिख रही हैं।

भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर क्यों बना है सस्पेंस?

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को कोलंबो में हाई-वोल्टेज मुकाबला प्रस्तावित है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इस मैच के बहिष्कार का संकेत दिया था। लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी इस फैसले को अंतिम रूप देने से बच रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान पर आर्थिक नुकसान, कानूनी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ने का खतरा मंडरा रहा है।

12 फरवरी क्यों है टर्निंग पॉइंट?

बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव इस पूरे विवाद का अहम मोड़ माने जा रहे हैं। अगर वहां एक स्थिर और लोकतांत्रिक सरकार का गठन होता है, तो पाकिस्तान इसे राजनीतिक माहौल में बदलाव का हवाला बनाकर अपने रुख में नरमी ला सकता है। इससे PCB को बिना दबाव में झुके दिखे भारत के खिलाफ मैच खेलने का मौका मिल सकता है। क्रिकेट से जुड़े सूत्रों का मानना है कि मोहसिन नकवी केवल प्रतीकात्मक विरोध के लिए पाकिस्तान क्रिकेट को लंबे समय तक नुकसान में नहीं डालना चाहेंगे।

बहिष्कार की धमकी के पीछे क्या थी असली वजह?

भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार की धमकी को खेल से ज्यादा एक राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। यह रुख उस समय सामने आया जब सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किया गया और पाकिस्तान ने उसके समर्थन में भागीदारी पर सवाल उठाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फैसला केवल PCB स्तर पर नहीं बल्कि सरकारी नेतृत्व से प्रेरित था। हालांकि, PCB ने अब तक ICC को आधिकारिक रूप से बहिष्कार की पुष्टि नहीं भेजी है, जिसे बातचीत की गुंजाइश माना जा रहा है।

भारी आर्थिक और कानूनी जोखिम

अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मुकाबला नहीं खेलता है, तो उसे भारी आर्थिक और कानूनी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ICC की ओर से जुर्माना लग सकता है और Members Participation Agreement के उल्लंघन का मामला बन सकता है। इसके अलावा आधिकारिक ब्रॉडकास्टर कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है, जिससे PCB की मुश्किलें बढ़ेंगी। भारत-पाकिस्तान मुकाबला ब्रॉडकास्ट डील्स की रीढ़ माना जाता है और इसके बिना टूर्नामेंट की कमर्शियल वैल्यू को बड़ा झटका लग सकता है।

अंतरराष्ट्रीय अलगाव का खतरा

भारत के खिलाफ मैच से पीछे हटने पर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ने का खतरा है। ऐसी स्थिति में भारत को वॉकओवर मिल सकता है, जबकि PCB की वैश्विक साख को नुकसान पहुंचेगा। इससे भविष्य के ICC आयोजनों और फैसलों में पाकिस्तान की भूमिका कमजोर हो सकती है। इतिहास बताता है कि क्रिकेट बोर्ड्स आमतौर पर ऐसे हाई-प्रोफाइल मुकाबलों से दूरी बनाने से बचते हैं, क्योंकि इसका खेल और कूटनीति दोनों पर गहरा असर पड़ता है।

T20 World Cup 2026 के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला?

पाकिस्तान टीम पहले ही कोलंबो पहुंच चुकी है और 7 फरवरी से अपने टी20 वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत करने वाली है। टीम की तैयारियों का सामान्य रूप से जारी रहना इस बात का संकेत देता है कि वह टूर्नामेंट में पूरी तरह खेलने की उम्मीद कर रही है। भारत-पाकिस्तान मुकाबला न केवल सबसे ज्यादा टीवी रेटिंग लाता है, बल्कि स्पॉन्सरशिप और वैश्विक दर्शकों के लिहाज से भी सबसे अहम मैच होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हालात बेहद नहीं बिगड़ते, पूरे बहिष्कार की संभावना काफी कम है।

राजनीतिक तेवर से ज्यादा व्यावहारिकता की उम्मीद

अक्सर क्रिकेट प्रशासक कड़ा रुख अपनाने के बाद डिप्लोमैटिक बैकडोर से समाधान निकालते हैं। PCB की ओर से ICC को अब तक कोई आधिकारिक पत्र न भेजा जाना, इसी ओर इशारा करता है। अगर बांग्लादेश चुनावों के बाद राजनीतिक तनाव कम होता है, तो पाकिस्तान के पास यू-टर्न लेने का परफेक्ट मौका होगा। अगले कुछ दिन तय करेंगे कि क्रिकेट की सबसे बड़ी राइवलरी का भविष्य क्या होगा।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Ishtpreet Singh

Related News