कांप गए थे पाकिस्तानी खिलाड़ी, वर्ल्ड कप को याद कर बोले शाहिद अफरीदी
punjabkesari.in Friday, Mar 13, 2026 - 02:14 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : पूर्व पाकिस्तानी कप्तान Shahid Afridi ने 2011 क्रिकेट वर्ल्ड कप के भारत-पाकिस्तान सेमीफाइनल से जुड़ा एक दिलचस्प और कम सुना गया किस्सा साझा किया है। अफरीदी के मुताबिक मोहाली में खेले गए उस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में स्टेडियम का माहौल इतना दबावभरा था कि कुछ पाकिस्तानी बल्लेबाज क्रीज पर जाते समय घबराहट से कांपने लगे थे। उन्होंने बताया कि शुरुआत में पाकिस्तान की टीम अच्छी स्थिति में थी, लेकिन दर्शकों के जबरदस्त शोर और भारतीय टीम के उत्साह ने मैच की दिशा बदल दी।
मोहाली का माहौल बना पाकिस्तान के लिए चुनौती
भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले हमेशा ही बेहद रोमांचक और दबाव से भरे होते हैं। 2011 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल भी ऐसा ही एक मैच था, जो पंजाब में खेला गया था। अफरीदी ने बताया कि उस दिन स्टेडियम में मौजूद भारतीय दर्शकों का जोश असाधारण था। हजारों की संख्या में मौजूद फैंस हर गेंद पर जोरदार शोर कर रहे थे, जिससे मैदान का माहौल बेहद तीव्र और दबावपूर्ण हो गया था। उनके अनुसार, यह शोर सिर्फ माहौल नहीं बना रहा था, बल्कि खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति पर भी असर डाल रहा था।
पाकिस्तान की मजबूत शुरुआत
अफरीदी ने याद करते हुए कहा कि पाकिस्तान की पारी की शुरुआत काफी अच्छी रही थी। सलामी बल्लेबाज Mohammad Hafeez और Kamran Akmal ने मिलकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई और शुरुआती विकेट गिरने से बचाए रखा। दोनों बल्लेबाजों ने लगभग 90 रन की साझेदारी की थी। उस समय तक कप्तान के रूप में अफरीदी को भरोसा था कि पाकिस्तान इस मैच में मजबूत स्थिति में है और जीत की ओर बढ़ सकता है।
पहला विकेट गिरते ही बदल गया मैच
अफरीदी के अनुसार, मैच का असली मोड़ तब आया जब पाकिस्तान का पहला विकेट गिरा। जैसे ही विकेट गिरा, स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का शोर कई गुना बढ़ गया और भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह भी साफ दिखाई देने लगा। इस माहौल ने पाकिस्तान के बल्लेबाजों पर मानसिक दबाव बढ़ा दिया। अफरीदी ने कहा कि उस समय क्रीज पर जाने वाले कुछ बल्लेबाज घबराहट महसूस कर रहे थे और हर गेंद को खेलना उनके लिए चुनौती बन गया था।
भारतीय दर्शकों का समर्थन बना बड़ा फैक्टर
अफरीदी ने माना कि उस मुकाबले में भारतीय दर्शकों का समर्थन घरेलू टीम के लिए बड़ी ताकत साबित हुआ। उन्होंने कहा कि जब किसी टीम को अपने फैंस से इतना जोरदार समर्थन मिलता है तो खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ जाता है। वहीं विपक्षी टीम पर अतिरिक्त दबाव बन जाता है। उनके मुताबिक, उसी माहौल ने भारतीय टीम को अतिरिक्त ऊर्जा दी और पाकिस्तान के खिलाड़ियों को दबाव में डाल दिया।

