''मैं सालों से कह रही हूं...'', तन्वी शर्मी की ताइपे ओपन में ऐतिहासिक जीत के बाद बोलीं सिंधु
punjabkesari.in Sunday, Aug 02, 2026 - 02:13 PM (IST)
नई दिल्ली : दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने तन्वी शर्मा के सबसे कम उम्र में ताइपे ओपन चैंपियन बनकर इतिहास रचने के बाद तारीफ की। सिंधु ने कहा कि यह इस युवा खिलाड़ी के करियर में और भी कामयाबियों की बस शुरुआत है और उसे कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए, खुद पर भरोसा रखना चाहिए और और भी कामयाबी पाने की चाहत रखनी चाहिए।
रविवार को 17 साल की तन्वी ने वियतनाम की गुयेन थुई लिन्ह को सीधे गेम में हराकर अपना पहला BWF वर्ल्ड टूर सुपर 300 खिताब जीता। तन्वी ने शानदार रणनीति दिखाते हुए गुयेन को सिर्फ 36 मिनट में 21-16, 21-16 से हराया। वह किसी भी कैटेगरी में ताइपे ओपन जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गईं।
सिंधु ने तन्वी की इस ऐतिहासिक जीत के बाद कहा, 'इस लड़की पर मुझे बहुत गर्व है। मैं सालों से कह रही हूं कि तन्वी में एक बहुत खास खिलाड़ी बनने के सारे गुण हैं। टैलेंट, स्ट्रोक लगाने की कला, बेहतरीन खिलाड़ियों का सामना करने का साहस - सब कुछ है उसमें। उसे बस थोड़ी और स्थिरता और अनुभव की जरूरत थी और यह सब एक साथ आते देखना बहुत अच्छा लगा। यह तो बस शुरुआत है, तन्वी। मेहनत करती रहो, भरोसा रखती रहो और कामयाबी की भूख बनाए रखो। तुम जैसे खिलाड़ियों के साथ भारतीय बैडमिंटन का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। तुम पर बहुत गर्व है।'
इस शानदार जीत के साथ तन्वी महान खिलाड़ी साइना नेहवाल (2008) के बाद ताइपे ओपन का खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला सिंगल्स खिलाड़ी बन गई हैं। इस जीत ने इस इवेंट में भारत के 17 साल के सूखे को भी खत्म कर दिया है और देश के लिए कुल मिलाकर तीसरा खिताब जीता है। इससे पहले आखिरी बार 2009 में ज्वाला गुट्टा और वी. दिजू की मिक्स्ड डबल्स जोड़ी ने खिताब जीता था।
यह जीत तन्वी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है जो इससे पहले पिछले साल US ओपन में रनर-अप रही थीं और ओडिशा मास्टर्स तथा गुवाहाटी मास्टर्स सुपर 100 टूर्नामेंट में भी दूसरे स्थान पर रही थीं। इस अहम जीत के साथ तन्वी साइना, सिंधु और देविका सिहाग के बाद सुपर 300 या उससे ऊंचे लेवल का खिताब जीतने वाली चौथी भारतीय महिला सिंगल्स शटलर बन गई हैं। इस जीत ने उन्हें BWF सुपर 300 खिताब जीतने वाली दुनिया की तीसरी सबसे युवा खिलाड़ी भी बना दिया है।

