सचिन तेंदुलकर ने युवा खिलाड़ियों को दी बड़ी सीख, बताया कैसे मिलेगी सफलता

punjabkesari.in Tuesday, May 19, 2026 - 12:50 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : भारत के महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar ने अहमदाबाद स्थित SRT10 Altevol Centre of Excellence क्रिकेट अकादमी में युवा खिलाड़ियों और उनके माता-पिता को अहम संदेश दिया। सचिन ने कहा कि क्रिकेट में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और खिलाड़ियों को अनुशासन, तैयारी और मेहनत पर ध्यान देना चाहिए।

‘सफलता की गारंटी नहीं, लेकिन तैयारी आपके हाथ में’

सचिन तेंदुलकर ने युवा क्रिकेटरों को संबोधित करते हुए कहा कि हर मैच में सफलता मिलना जरूरी नहीं है, लेकिन अच्छी तैयारी और फोकस हमेशा खिलाड़ी के नियंत्रण में होता है।

उन्होंने कहा, 'हर बार मैदान पर उतरकर सफलता मिले, इसकी गारंटी नहीं है। लेकिन तैयारी, अनुशासन और फोकस पूरी तरह आपके हाथ में हैं। प्रतिभा भगवान की देन होती है, लेकिन उस प्रतिभा का इस्तेमाल कैसे करना है, यह खिलाड़ी पर निर्भर करता है।'

सचिन ने यह भी कहा कि उन्होंने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को देखा है, लेकिन मेहनत और अनुशासन की कमी के कारण वे अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाए।

‘भारत के लिए खेलना है तो त्याग करना होगा’

मास्टर ब्लास्टर ने साफ कहा कि अगर किसी खिलाड़ी का सपना भारत के लिए खेलना है तो उसे कई चीजों का त्याग करना पड़ेगा। उन्होंने युवाओं को शॉर्टकट से दूर रहने की सलाह दी।

सचिन बोले, 'अगर भारत के लिए खेलना है तो कुछ बलिदान देने होंगे। क्रिकेट में कोई शॉर्टकट नहीं होता। अगर आप शॉर्टकट अपनाएंगे तो पूरी दुनिया के सामने एक्सपोज हो जाएंगे, क्योंकि क्रिकेट मैदान पर सबके सामने खेला जाता है।' उन्होंने युवाओं से अपने जुनून को दिल से महसूस करने और उसी दिशा में मेहनत करने की अपील की।

माता-पिता को भी दी खास सलाह

सचिन तेंदुलकर ने बच्चों के माता-पिता से भी खास अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों पर बेवजह दबाव नहीं डालना चाहिए और उन्हें अपनी पसंद के अनुसार आगे बढ़ने की आजादी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'बच्चों को सफलता दिलाने के लिए मेहनत जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है उन्हें स्वतंत्रता देना। आजादी और प्रोत्साहन का संतुलन ही अच्छे परिणाम देता है।'

‘नाकामी सीखने की नींव है’

सचिन ने कहा कि असफलता खेल का हिस्सा है और खिलाड़ियों को उससे सीखना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हर बल्लेबाज आउट होता है और हर गेंदबाज रन खाता है। यह बिल्कुल सामान्य है। असफलता ही सीखने की नींव होती है।' उन्होंने माता-पिता से वादा करने को कहा कि वे अपने बच्चों पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालेंगे और धैर्य के साथ उनका मार्गदर्शन करेंगे।

‘भारत को खेल प्रेमी नहीं, खेल खेलने वाला देश बनाना होगा’

अपने संबोधन के अंत में सचिन तेंदुलकर ने कहा कि भारत खेलों से प्यार करने वाला देश तो है, लेकिन अब समय आ गया है कि इसे खेल खेलने वाला देश भी बनाया जाए।


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Content Editor

Ishtpreet Singh