टीम इंडिया की नो-बॉल की समस्या पर सुनील गावस्कर का बड़ा सुझाव, कहा- ''हर गलती पर दोगुना हो जुर्माना''
punjabkesari.in Sunday, Aug 30, 2026 - 05:38 PM (IST)
नई दिल्ली: भारतीय गेंदबाजों की लगातार नो-बॉल की समस्या ने टीम मैनेजमेंट और क्रिकेट विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में भारत ने कुल 13 नो-बॉल कीं, जिसमें रविंद्र जडेजा और सारांश जैन के स्पिन आक्रमण से 11 नो-बॉल आईं। इससे पहले गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भी जडेजा ने चार अतिरिक्त गेंदें फेंकी थीं।
भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच साइराज बहुतुले ने मजाकिया अंदाज में सुझाव दिया था कि टेस्ट क्रिकेट में नो-बॉल के बाद फ्री हिट का नियम लागू किया जा सकता है। हालांकि, महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने इस विचार को खारिज करते हुए कहा कि इससे टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजों को जरूरत से ज्यादा फायदा मिलेगा।
'टेस्ट में बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं करना चाहिए'
गावस्कर ने अपने Mid-Day कॉलम में लिखा कि टेस्ट क्रिकेट में पहले ही बल्लेबाजों के पक्ष में कई चीजें हैं। ऐसे में नो-बॉल के बाद फ्री हिट देने से गेंदबाजों के लिए मुश्किल और बल्लेबाजों के लिए रन बनाना और आसान हो जाएगा। गावस्कर ने कहा, 'भारतीय टीम के स्पिनिंग कोच ने मजाक में कहा था कि नो-बॉल के बाद फ्री हिट देने से शायद इस गलती को रोकने में मदद मिले। लेकिन कृपया टेस्ट में इस तरह की सजा देकर बल्लेबाजों के लिए रन बनाना और आसान न करें।'
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में फ्री हिट पहले से ही नो-बॉल की सजा के तौर पर मौजूद है। उनके मुताबिक टेस्ट क्रिकेट में उसी व्यवस्था को लागू करना सही नहीं होगा।
नो-बॉल रोकने के लिए जुर्माने का सुझाव
गावस्कर ने नियम बदलने के बजाय टीम के अंदर ही अनुशासन मजबूत करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बार-बार नो-बॉल करने वाले गेंदबाज पर आर्थिक जुर्माना लगाया जाना चाहिए और हर अगली गलती के साथ यह जुर्माना बढ़ना चाहिए। पूर्व भारतीय कप्तान ने माना कि आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों के पास ट्रेनिंग और तकनीक की पर्याप्त सुविधाएं हैं, इसलिए नो-बॉल जैसी गलती को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
गावस्कर के मुताबिक, 'ओवरस्टेपिंग ऐसी चीज है जिसे खिलाड़ी पूरी तरह अपने नियंत्रण में रख सकता है। बल्लेबाज के गार्ड लेने की तरह नो-बॉल भी उन चीजों में से है, जिस पर खिलाड़ी का पूरा नियंत्रण होना चाहिए।'
'हर अगली गलती पर जुर्माना दोगुना हो'
गावस्कर ने टीम मैनेजमेंट के लिए एक खास मॉडल भी सुझाया। उन्होंने कहा कि पहली नो-बॉल पर एक जुर्माना लगाया जाए और अगर वही गलती दोबारा होती है तो जुर्माना दोगुना कर दिया जाए। उन्होंने कहा, 'हर अगली गलती पर जुर्माना दोगुना करने का क्या ख्याल है? इसके साथ गेंदबाजी कोच पर भी जुर्माने की आधी रकम लगाई जा सकती है।'
गावस्कर ने सुझाव दिया कि खिलाड़ियों से वसूली गई जुर्माने की रकम को टीम के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'जुर्माने से जमा हुई रकम का इस्तेमाल खिलाड़ियों के आखिरी टीम डिनर के लिए किया जा सकता है, जब टीम के सदस्य दौरे के बाद अपने-अपने घर लौटें।'
फील्डिंग की गलतियों पर भी हो सकता है जुर्माना
गावस्कर ने केवल नो-बॉल तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने कहा कि मैदान पर अनुशासन से जुड़ी दूसरी गलतियों के लिए भी टीम के भीतर जुर्माने का प्रावधान किया जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "इसके अलावा कुछ अन्य गलतियों पर भी जुर्माना हो सकता है, जैसे थ्रो के समय बैकअप नहीं करना या मैदान पर कोई दूसरी जिम्मेदारी ठीक से पूरी नहीं करना। पूरी टीम वोट करके तय कर सकती है कि ऐसी गलती पर जुर्माना लगाया जाए या नहीं।"
गावस्कर ने दी तत्काल सुधार की चेतावनी
गावस्कर ने साफ किया कि नो-बॉल की समस्या को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि एक छोटी-सी अनुशासनहीनता टेस्ट मैच का पूरा रुख बदल सकती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि यह खेल का पूरा रंग बदल सकता है।'
अब अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज पर नजर
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद भारतीय टीम अब सीमित ओवरों के क्रिकेट की ओर बढ़ेगी। भारत को अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेलनी है। इस सीरीज की खास बात यह है कि तीनों मुकाबले एक ही मैदान पर खेले जाएंगे। दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम तीनों मैचों की मेजबानी करेगा। मुकाबले 13, 15 और 17 सितंबर को खेले जाने हैं।
युवा और अनुभवी खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें
अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में भारत की मजबूत टीम मैदान पर उतरने की उम्मीद है। श्रेयस अय्यर, ईशान किशन और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों पर खास नजर रहेगी। भारतीय टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए सीरीज में दबदबा कायम करना चाहेगी। साथ ही, श्रीलंका दौरे के बाद टी20 फॉर्मेट में जीत की लय बरकरार रखना भी टीम की प्राथमिकता होगी।

