सूर्यकुमार यादव ने T20I में भारत की सफलता का राज खोला, हमने अपनी सोच बदली है
punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 09:01 PM (IST)
मुंबई : भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि सबसे छोटे प्रारूप में टीम की सफलता का राज सभी प्रतियोगिताओं में एक जैसी मानसिकता अपनाना है। टी20 विश्व कप के सह-मेजबान के रूप में भारत जब आईसीसी टूर्नामेंट में दावेदार के 'टैग' के साथ उतरेगा तो यही सोच उसकी सबसे बड़ी ताकत होगी। उन्होंने ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस पर भी अपडेट दिया और कहा कि उनकी वापसी में किसी तरह की जल्दबाजी नहीं की जाएगी।
गत चैंपियन भारत शनिवार को यहां वानखेड़े स्टेडियम में टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में अमेरिका से भिड़ेगा। भारत की नजरें रिकॉर्ड तीसरा खिताब जीतने पर लगी होंगी। कप्तानों की प्रेस कांफ्रेंस में भारत की मानसिकता पर सवाल पूछे जाने पर सूर्यकुमार ने कहा, 'हम पिछले दो-तीन साल से अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि हमने अपनी सोच बदली है। पहले हम द्विपक्षीय सीरीज और आईसीसी टूर्नामेंट अलग-अलग तरीके से खेलते थे, लेकिन अब चाहे आईसीसी टूर्नामेंट हो, एशिया कप हो या द्विपक्षीय मैच, हम हर जगह एक ही तरह से खेलने की कोशिश करते हैं।'
भारत ने 2024 टी20 विश्व कप जीतने के बाद सभी द्विपक्षीय टी20 सीरीज जीती हैं और पिछले साल एशिया कप का खिताब भी अपने नाम किया था। सूर्यकुमार ने कहा, 'इसी वजह से जब हम 2024 टी20 विश्व कप खेलने गए तो वह अलग महसूस नहीं हुआ। बल्कि ऐसा लगा जैसे हम पूरे एक साल से इसी तरह का क्रिकेट खेलते आ रहे हों। अब भी पिछले एक साल से हम जिस तरह का क्रिकेट खेल रहे हैं, टी20 विश्व कप में उसी तरह खेलने की कोशिश करेंगे। अगर हम अच्छा खेलेंगे, तो नतीजा भी हमारे पक्ष में होगा।'
भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम वॉशिंगटन सुंदर को पूरी तरह फिट होकर मजबूत वापसी करने के लिए पर्याप्त समय देना चाहती है। उन्होंने कहा, 'तिलक वर्मा को ब्रेक मिला था। वह न्यूज़ीलैंड सीरीज नहीं खेल पाए थे और जब वापस आए तो बिल्कुल अलग खिलाड़ी नजर आए। उन्होंने ए सीरीज का एक मैच (भारत ए और अमेरिका के बीच अभ्यास मैच) खेला और कल (बुधवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में) भी खेले। हमें उम्मीद है कि वॉशिंगटन भी उसी तरह वापसी करेंगे।'
उन्होंने कहा, 'वह काफी अच्छा कर रहे हैं। वह लगभग तैयार हैं। हम चाहते हैं कि जब वह लौटें तो पूरी तरह फिट हों। शत प्रतिशत।' सूर्यकुमार ने यह भी कहा कि भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने खिलाड़ियों में टीम को पहले रखने की सोच को मजबूती से स्थापित किया है। उन्होंने ईशान किशन का उदाहरण दिया जिन्होंने पिछले हफ्ते न्यूजीलैंड के खिलाफ छक्के के साथ अपना पहला टी20 शतक पूरा किया था। उन्होंने कहा, 'ड्रेसिंग रूम वही है, बस कुछ डिब्बे (ट्रेन के कोच की तरह) बदले हैं, लेकिन उनके आने के बाद से यह सफर शानदार रहा है। सबसे अहम चीज वह माहौल है जो उन्होंने ड्रेसिंग रूम में बनाया है कि यह एक टीम गेम है।'
उन्होंने कहा, 'उन्होंने यह सोच डाली है कि व्यक्तिगत उपलब्धियों को अलग रखा जाए और टीम के लक्ष्य सबसे ऊपर हों। उदाहरण के तौर पर तिरुवनंतपुरम में पिछले मैच में ईशान 90 के पार थे और उन्होंने छक्के के साथ अपना शतक पूरा किया। यही वह चीज है जिसे गंभीर ड्रेसिंग रूम में लाने की कोशिश कर रहे हैं, व्यक्तिगत उपलब्धियों से दूर रहकर टीम के लक्ष्य पर फोकस करना।' सूर्यकुमार ने कहा, 'उसके बाद बाकी सारी चीजें अपने आप आती हैं। सभी खिलाड़ियों को पूरी आजादी दी जाती है। क्रीज पर बल्लेबाजों को यह स्वतंत्रता होती है। ड्रेसिंग रूम का माहौल बहुत हल्का रहता है, टीम डिनर, साथ में फिल्म देखने जाना, ये छोटी-छोटी चीजें टीम के माहौल में काफी मदद करती हैं।'
टी20 विश्व कप में ओस को लेकर एमएस धोनी द्वारा जताई गई चिंता पर प्रतिक्रिया देते हुए सूर्यकुमार ने कहा कि इसे अब खेल से बाहर कर देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हम अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं और अच्छी तरह लक्ष्य का पीछा भी कर रहे हैं। मैच के दिन हालात चाहे जैसे हों, सेमीफाइनल हो या फाइनल, हम उसी हिसाब से फैसला लेंगे। अगर पहले बल्लेबाज़ी करनी होगी, तो वह भी करेंगे।'
सूर्यकुमार ने कहा, 'स्कोरबोर्ड पर रन होना हमेशा बेहतर होता है। हमने कई ऐसे मैच खेले हैं जहां ओस एक बड़ा कारक रही है। हमारी टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो सालों से फ्रेंचाइजी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते आ रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'अब हमें ओस को बहाना नहीं बनाना चाहिए और अच्छे क्रिकेट पर ध्यान देना चाहिए। खेल आगे बढ़ चुका है। ओस के लिए तैयारी करनी होती है। आखिरकार सब कुछ इस पर निर्भर करता है कि आप कैसी तैयारी करते हैं।'

