T20 World Cup : खराब फॉर्म के बीच तिलक वर्मा को मिली सलाह, विराट कोहली की तरह निभाएं भूमिका

punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 05:27 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। पांच मैचों में 107 रन और 118 के स्ट्राइक रेट के साथ उनका योगदान मिश्रित रहा है। सुपर 8 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में तेज खेलने की कोशिश में वे जल्दी आउट हो गए, जिसके बाद उनके रोल पर बहस तेज हो गई। इसी बीच भारत के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने तिलक को सलाह दी है कि वे टी20I में विराट कोहली जैसी एंकर भूमिका निभाएं।

तिलक का प्रदर्शन और स्ट्राइक रेट पर सवाल

तिलक वर्मा ने मौजूदा टूर्नामेंट में अब तक 107 रन बनाए हैं, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 118 रहा है, जो आधुनिक टी20 मानकों के हिसाब से थोड़ा कम माना जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर 8 मुकाबले में उन्होंने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की। मार्को जेनसन की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वे कैच आउट हो गए। इस शॉट चयन पर कई विशेषज्ञों ने सवाल उठाए।

मोहम्मद कैफ की सलाह: “रोल पर टिके रहें”

मोहम्मद कैफ का मानना है कि तिलक को अपने नैचुरल गेम से भटकना नहीं चाहिए। उनके अनुसार, टीम मैनेजमेंट को खिलाड़ी को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि उसकी भूमिका क्या है। कैफ ने कहा कि हर टीम को एक ऐसे बल्लेबाज की जरूरत होती है जो पारी को संभाले और अंत तक लेकर जाए। उनका मानना है कि तिलक में वह क्षमता है और उन्हें उसी जिम्मेदारी पर ध्यान देना चाहिए।

“विराट कोहली जैसा रोल निभाएं”

कैफ ने तिलक को विराट कोहली की भूमिका अपनाने की सलाह दी। कोहली टी20 क्रिकेट में अक्सर एंकर की भूमिका निभाते हैं पारी को स्थिर रखते हुए जरूरत पड़ने पर गति बढ़ाते हैं। तिलक अगर इसी भूमिका पर कायम रहते हैं, तो वे टीम के लिए अधिक उपयोगी साबित हो सकते हैं। स्ट्राइक रेट का दबाव हर खिलाड़ी पर होता है, लेकिन अपनी शैली से समझौता करना हमेशा सही रणनीति नहीं होती।

भारतीय टीम में अटैकिंग विकल्पों की भरमार

भारतीय बल्लेबाजी लाइन-अप में कई आक्रामक खिलाड़ी मौजूद हैं, जैसे सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या और अन्य पावर-हिटर्स। ऐसे में एक स्थिर बल्लेबाज की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। कैफ के अनुसार, अगर पूरी टीम तेज खेलने की कोशिश करेगी तो विकेट जल्दी गिर सकते हैं। इसलिए संतुलन बनाना जरूरी है।

मैच को गहराई तक ले जाने की जरूरत

कैफ ने यह भी कहा कि “चेस मास्टर” बनने के लिए बल्लेबाज को 20वें ओवर तक टिकना पड़ता है। तिलक को अपनी पारी को लंबा खींचने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि अंतिम ओवरों में टीम के पास मजबूत मंच हो। टी20 में आक्रामकता अहम है, लेकिन समझदारी से खेलना उससे भी ज्यादा जरूरी है।

अगला मौका: जिम्बाब्वे के खिलाफ अहम मुकाबला

भारत का अगला सुपर 8 मुकाबला जिम्बाब्वे के खिलाफ चेन्नई में खेला जाएगा। तिलक वर्मा से उम्मीद की जा रही है कि वे इस मैच में अपने रोल को स्पष्ट रूप से निभाएंगे और टीम को स्थिरता देंगे। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के निर्णायक चरण में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या तिलक वर्मा कैफ की सलाह मानकर विराट कोहली जैसी एंकर भूमिका निभाते हैं और आलोचनाओं का जवाब अपने बल्ले से देते हैं।


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Content Writer

Sanjeev

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