T20 World Cup : पांड्या-दुबे मैल्कम मार्शल नहीं, भारत की करारी हार पर शोएब अख्तर ने साधा निशाना
punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 06:18 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करने के बाद भारतीय टीम को सुपर 8 में बड़ा झटका लगा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया की गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही मोर्चों पर कमजोरी उजागर हुई। पहले बल्लेबाजी करते हुए प्रोटियाज ने मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में भारतीय टीम पूरी तरह लड़खड़ा गई। इस हार के बाद पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भारतीय टीम की रणनीति और गेंदबाजी आक्रमण पर तीखी टिप्पणी की है।
साउथ अफ्रीका ने खोली भारतीय गेंदबाजी की पोल
साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 187/7 का प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया। भारतीय गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव दिखाई दिया। वरुण चक्रवर्ती ने अपने चार ओवर में 47 रन खर्च किए, जबकि हार्दिक पांड्या ने 45 रन दिए। डेवाल्ड ब्रेविस ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए भारतीय स्पिन और मध्यम गति के गेंदबाजों को निशाना बनाया। शोएब अख्तर ने कहा कि भारतीय गेंदबाजी में वह धार नहीं दिखी, जिसकी बड़े टूर्नामेंट में जरूरत होती है। उनके मुताबिक, स्पीड में गिरावट और डेथ ओवर्स में प्रभावी यॉर्कर की कमी ने साउथ अफ्रीका को खुलकर खेलने का मौका दिया।
“हार्दिक और दुबे मैल्कम मार्शल नहीं हैं” – अख्तर
अख्तर ने विशेष रूप से हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे की गेंदबाजी पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि दोनों की रफ्तार लगभग 120 किमी प्रति घंटा के आसपास रही, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डर पैदा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि वे मैल्कम मार्शल जैसे घातक तेज गेंदबाज नहीं हैं, जो बल्लेबाजों पर मानसिक दबाव बना सकें।अख्तर का मानना है कि डेथ ओवर्स में ऐसे गेंदबाजों का इस्तेमाल जोखिम भरा साबित हो सकता है, खासकर तब जब विपक्षी टीम के बल्लेबाज आक्रामक लय में हों।
बल्लेबाजी भी रही पूरी तरह नाकाम
187 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम महज 111 रन पर सिमट गई। यह T20 वर्ल्ड कप इतिहास में भारत की सबसे बड़ी हारों में से एक मानी जा रही है। शीर्ष क्रम से लेकर मध्यक्रम तक कोई भी बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेल सका। लगातार 13 मैचों से जारी जीत का सिलसिला भी यहीं थम गया। टीम की इस हार ने न केवल नेट रन रेट पर असर डाला बल्कि सुपर 8 में आगे की राह भी मुश्किल बना दी है।
टीम चयन पर भी उठे सवाल
मैच के बाद एक और बड़ा मुद्दा टीम संयोजन को लेकर उठा। अक्षर पटेल को बाहर कर वाशिंगटन सुंदर को शामिल करने के फैसले पर बहस तेज हो गई। रविचंद्रन अश्विन ने अपने विश्लेषण में कहा कि भले ही मैच-अप के लिहाज से बदलाव जरूरी हों, लेकिन ICC जैसे बड़े टूर्नामेंट में स्थिरता ज्यादा अहम होती है। अश्विन ने यह भी याद दिलाया कि अक्षर पटेल हालिया T20 मुकाबलों में टीम के सबसे मूल्यवान खिलाड़ियों में रहे हैं, और ऐसे खिलाड़ी को बाहर करना संतुलन बिगाड़ सकता है।

