अगर भारत हमें जीतने का मौका देना चाहते हैं, तो हमें इसका फायदा उठाना चाहिए, जो रूट ने एटकिंसन से कही थी ये बात

punjabkesari.in Friday, Jul 17, 2026 - 10:39 AM (IST)

काडिर्फ : दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में भारत को चार विकेट से हराने में अहम योगदान देने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट ने कहा कि टीम को जीत दिलाने से बेहतर कोई एहसास नहीं है। मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत में रूट ने बताया है कि उन्होंने गस एटकिंसन से उनके 99 पर नाबाद रह जाने की चिंता नहीं करने और इंग्लैंड को मैच जिताने के लिए कहा था। वनडे में अपना 67वां 50 से अधिक का स्कोर बनाने वाले रूट अपना 21वां शतक लगाने के लिए एकदम तैयार दिख रहे थे। 

आखिरी आठ ओवर में टीम को 12 रन चाहिए थे और रूट उस समय 97 पर थे। 45वें ओवर की शुरुआत में रूट नॉन-स्ट्राइकर एंड पर थे। भारत ने सारे खिलाड़यिों को अंदर बुला लिया था और ओवर की शुरुआत वाइड के साथ हुई थी। इसके बाद रूट ने जाकर एटकिंसन से कुछ कहा। तीन रनों की जरूरत होने पर एटकिंसन ने अगली गेंद को पुल करते हुए बाउंड्री निकाली और इंग्लैंड को 35 गेंद शेष रहते मैच जिता दिया। 

रूट ने कहा, 'मैंने एटकिंसन से कहा कि बस मैच खत्म करो। अगर भारत इस तरह की फील्डिंग लगाकर हमें मैच जीतने का मौका देना चाहते हैं, तो हमें इसका फायदा उठाना चाहिए। सब कुछ बाकी मैच जीतने के बारे में है, और क्रिकेट में रन चेज करते हुए आखिर तक क्रीज पर टिके रहने और टीम को जीत दिलाने से बेहतर कोई और एहसास नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे तो यह भी याद नहीं कि मैं इससे पहले कभी 99 रन पर नाबाद रहा हूं या नहीं।' 

भारतीय कप्तान शुभमन गिल से बीबीसी टेस्ट मैच स्पेशल में बातचीत में जब पूछा गया कि रूट की स्थिति में होने पर उन्हें कैसा लगता तो उन्होंने कहा, 'अगर मैं रूट की जगह होता, तो शायद 43वें ओवर में वह सिंगल नहीं लेता।' हालांकि स्वयं रूट को अपने शतक से चूकने का जरा भी अफसोस नहीं था। 

इस पारी के बाद रूट वनडे क्रिकेट में 99 रन पर नाबाद रहने वाले इंग्लैंड के पहले खिलाड़ी बन गए। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी फॉर्मेट को मिलाकर वह ऐसा करने वाले छठे अंग्रेज बल्लेबाज हैं। पुरुषों के वनडे इतिहास की बात करें तो, 99 रन पर नाबाद रहने वाले वह दुनिया के 17वें बल्लेबाज बन गए हैं। इसी मैदान पर रूट ने 2021 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 99 रन बनाए थे। 

रूट ने आगे कहा, 'अगर हम हार जाते तो बहुत बुरा लगता। आखिरकार आप जीतने के लिए ही खेलते हैं। और अब हमारे सामने लॉर्ड्स में सीरीज जीतने का लक्ष्य है। दुनिया की नंबर एक टीम को हराने का यह मौका वाकई काफी रोमांचक है। मुझे इस बात की खुशी है कि हमने संघर्ष करते हुए भी जीत का रास्ता निकाल लिया और वो भी एक ऐसे तरीके से जो शायद हमारी टीम के कई खिलाड़ियों की खेलने की स्टाइल या उनकी आदत से मेल नहीं खाता है। आने वाले बड़े मुकाबलों के लिए यह जीत हमें बेहतरीन तरीक़ों से तैयार करती है, और 2027 विश्व कप से पहले इस तरह के भारी दबाव वाले मैच का अनुभव बहुत काम आएगा।' 


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Content Writer

Sanjeev

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