दो साल बाद लौटे मयंक यादव ने जीता प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार, कहा- ''यह दौर बहुत मुश्किल था
punjabkesari.in Friday, Jul 24, 2026 - 12:31 PM (IST)
हरारे : भारतीय टी-20 टीम के तेज गेंदबाज मयंक यादव ने कहा कि 2024 में पर्दापण के बाद चोटों ने मुझे मैदान से दूर कर किया, इतना सब कुछ झेलने के बाद उनका देश के लिए खेलने के जुनून कभी कम नहीं हुआ। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 में 18 रन देकर दो विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीतने वाले मयंक ने कहा, 'यह दौर बहुत मुश्किल था। खासकर दो साल का अंतराल मेरे लिए बड़ी चुनौती था क्योंकि उम्र भी मेरे पक्ष में नहीं थी। मैं तब सिर्फ 22-23 साल का था। मुझे लगा कि इतनी कम उम्र में ही मुझे इतना कुछ झेलना पड़ रहा है। लेकिन देश के लिए खेलने की प्रेरणा हमेशा बनी रही। इसलिए मैं वापसी करना चाहता था और पहले की तरह प्रदर्शन करना चाहता था।'
तीन मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में भारत युवा तेज गेंदबाजों के साथ उतरा था। प्रिंस यादव ने हाल ही में इंग्लैंड और आयरलैंड के दौरे पर डेब्यू किया था और यह उनका चौथा टी20 था। अशोक शर्मा ने इसी मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। खुद मयंक भी भारत के लिए केवल तीसरा मैच खेल रहे थे। 71 टी-20 खेल चुके शिवम दुबे टीम के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज थे।
अन्य युवा तेज गेंदबाजो के साथ बातचीत को लेकर मयंक ने कहा, 'हम रफ्तार को लेकर ज्यादा बात नहीं करते, लेकिन हमारे बीच अच्छा तालमेल है। आज मैंने पहला ओवर फेंका था, इसलिए मैंने प्रिंस और अशोक को बताया कि पिच से कैसी मदद मिल रही है और किस तरह की गेंदबाजी ज्यादा असरदार हो सकती है। पहले छह ओवर के बाद हम बहुत अच्छी स्थिति में थे। इसलिए हमारी बातचीत इस बात पर थी कि हम उन्हें और कितना दबाव में रख सकते हैं और क्या-क्या विकल्प अपनाए जा सकते हैं।'
मयंक ने कहा कि अय्यर की कप्तानी में उन्होंने खुद को 'आत्मविश्वास से भरा' और 'पूरी तरह सहज' महसूस किया। मैच से पहले मेरी उनसे ज्यादा बात नहीं हुई थी। लेकिन मैच के दौरान उन्होंने गेंदबाजों पर पूरा भरोसा दिखाया। मुझे अच्छा लगा कि उन्होंने मेरी योजना के मुताबिक गेंदबाजी करने का समर्थन किया। जब उन्होंने मुझे कुछ सलाह दी, तो उसे लागू करने में मुझे पूरा आत्मविश्वास महसूस हुआ और उस समय वह सही विकल्प भी लगा। उनकी कप्तानी में खेलते हुए मैं काफी सहज महसूस कर रहा था। पहली बार मैं उनकी कप्तानी में खेल रहा था। इससे पहले मैंने उन्हें सिर्फ टीवी पर या दूसरी टीमों की कप्तानी करते हुए देखा था। उनके नेतृत्व में खेलना मुझे बहुत अच्छा लगा।'
वैभव सूर्यवंशी को लेकर मयंक ने कहा, 'उसकी बल्लेबाजी अविश्वसनीय है। जब मैंने उसे गेंदबाजी की, तब उसने ऐसे शॉट खेले जिनकी इतनी कम अनुभव वाले युवा खिलाड़ी से उम्मीद नहीं की जा सकती। उसे बल्लेबाजी करते देखना हमेशा आनंद देता है। इस उम्र में उसके पास जो प्रतिभा है, वह शानदार है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि 15 साल का कोई लड़का आएगा और इस तरह सभी गेंदबाजों की धुनाई करेगा। इस बार उसे अपनी टीम में पाकर बहुत अच्छा लगा। IPL में जब हम राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले थे, तब उसने हमारी गेंदबाजी की जमकर पिटाई की थी।'

