IND vs AFG: पहले टी20I में फ्लॉप रहे संजू सैमसन, दूसरे मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका

punjabkesari.in Monday, Sep 14, 2026 - 04:35 PM (IST)

दिल्ली: भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आगाज शानदार अंदाज में किया। नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए पहले मुकाबले में भारत ने अफगानिस्तान को सात विकेट से हराया। भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और अफगानिस्तान को 20 ओवर में 156/8 के स्कोर पर रोक दिया।

भारत की ओर से तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार ओवर में 19 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। अफगानिस्तान के लिए अजमतुल्लाह उमरजई ने सबसे ज्यादा 64 रन बनाए। उन्होंने 44 गेंदों की अपनी पारी में टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

अभिषेक शर्मा ने मचाई तबाही

156 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने सिर्फ 13.4 ओवर में तीन विकेट खोकर जीत हासिल कर ली। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 32 गेंदों पर 82 रन बनाए। उनकी पारी में सात चौके और सात छक्के शामिल रहे।

अभिषेक की विस्फोटक बल्लेबाजी के सामने अफगानिस्तान के गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। उनकी पारी ने भारत को मुकाबले में शुरुआत से ही मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

वैभव सूर्यवंशी को नहीं मिला मौका

भारत की एकतरफा जीत के बावजूद टीम चयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। 15 वर्षीय बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी को पहले टी20I में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। टीम मैनेजमेंट ने अनुभव को प्राथमिकता देते हुए संजू सैमसन को अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने का मौका दिया।

हालांकि, यह फैसला तुरंत कारगर साबित नहीं हुआ। संजू सैमसन तीसरे ओवर में अजमतुल्लाह उमरजई की गेंद पर आउट हो गए और केवल 10 रन ही बना सके। उनकी इस नाकामी के बाद टीम में उनकी जगह को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।

आयरलैंड सीरीज में भी नहीं मिला था मौका

वैभव सूर्यवंशी को इस साल जून में आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20I सीरीज के लिए पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया था। हालांकि, उन्हें दोनों मुकाबलों में खेलने का अवसर नहीं मिला। भारत ने वह सीरीज 2-0 से गंवा दी थी।

उस सीरीज में वैभव को बाहर रखने का फैसला तब और ज्यादा चर्चा में आया, जब उन्होंने इससे पहले आईपीएल में अपने आक्रामक खेल से सभी को प्रभावित किया था। कम उम्र में उनके बेखौफ स्ट्रोकप्ले ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा बना दिया है।

इंग्लैंड के खिलाफ मिला अंतरराष्ट्रीय डेब्यू

इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20I सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला। उन्होंने सीरीज के दूसरे मुकाबले में अपना पहला टी20I मैच खेला और कुल तीन मैचों में हिस्सा लिया।

हालांकि, वह इन मुकाबलों में बड़ा प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। इसके बाद उन्हें सीरीज के अंतिम मैच से बाहर कर दिया गया और संजू सैमसन की प्लेइंग इलेवन में वापसी हुई।

जिम्बाब्वे के खिलाफ वैभव ने रचा इतिहास

वैभव सूर्यवंशी का बड़ा ब्रेकथ्रू जिम्बाब्वे के खिलाफ आया। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया। इस पारी के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मौजूदगी का जोरदार ऐलान किया।

उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया कि वह सिर्फ आईपीएल तक सीमित प्रतिभा नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

संजू सैमसन के लिए जगह बचाना आसान नहीं

भारतीय टीम में संजू सैमसन का सफर कभी आसान नहीं रहा है। शुरुआत में उन्हें रोहित शर्मा और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ी। इसके बाद यशस्वी जायसवाल के आने से भी शीर्ष क्रम में उनकी जगह को लेकर चुनौती बढ़ी।

सैमसन के लगातार टीम से अंदर-बाहर होने की एक वजह कड़ी प्रतिस्पर्धा रही है, लेकिन उनकी असंगत बल्लेबाजी भी बड़ी समस्या बनी रही है। वह कई मौकों पर अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहे हैं।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतकों से मजबूत किया था दावा

साल 2024 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार दो शतक लगाकर संजू सैमसन ने टी20I टीम में अपनी जगह मजबूत की थी। उस प्रदर्शन के बाद ऐसा लगने लगा था कि वह भारतीय टी20I प्लेइंग इलेवन के नियमित सदस्य बन सकते हैं।

बाद में जब टीम मैनेजमेंट ने शुभमन गिल को टी20 प्रारूप से अलग करने का फैसला किया, तब सैमसन ने अभिषेक शर्मा के साथ एक अच्छी ओपनिंग साझेदारी बनानी शुरू की। दोनों की जोड़ी से भारतीय टीम को काफी उम्मीदें थीं।

ईशान किशन भी हैं दावेदार

अब वैभव सूर्यवंशी के तेजी से उभरने के कारण शीर्ष क्रम में प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन भी टीम में अपनी जगह के दावेदार हैं। ऐसे में संजू सैमसन के लिए टीम में अपनी जगह बनाए रखना पहले से ज्यादा मुश्किल हो सकता है।

अगर सैमसन लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं, तो टीम मैनेजमेंट भविष्य को ध्यान में रखते हुए वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा विकल्पों को मौका देने पर विचार कर सकता है।

श्रेयस अय्यर और गौतम गंभीर के सामने चयन की चुनौती

वैभव सूर्यवंशी की बढ़ती लोकप्रियता और उनके प्रदर्शन ने उनके हर बार बाहर बैठने को चर्चा का विषय बना दिया है। ऐसे में कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर के सामने अनुभव और युवा प्रतिभा के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी।

एक तरफ संजू सैमसन का अनुभव है, तो दूसरी ओर वैभव सूर्यवंशी का लंबी अवधि का संभावित योगदान। टीम मैनेजमेंट को यह तय करना होगा कि मौजूदा प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जाए या भविष्य के लिए युवा खिलाड़ी को लगातार मौके दिए जाएं।

आगे क्या होगा?

अभिषेक शर्मा शानदार फॉर्म में हैं और उनके साथ ओपनिंग स्लॉट के लिए वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन के बीच सीधी प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है। 31 वर्षीय सैमसन और 15 वर्षीय वैभव की प्रोफाइल में काफी अंतर है। सैमसन के पास अनुभव है, जबकि वैभव को भारतीय क्रिकेट के भविष्य के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, सिर्फ एक मुकाबले की नाकामी के आधार पर संजू सैमसन को लेकर अंतिम फैसला करना जल्दबाजी होगी। फिर भी अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20I में 10 रन पर आउट होने के बाद उनकी जगह पर बहस जरूर तेज हो गई है।

टीम में स्थानों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और ऐसे में सैमसन को मिलने वाला हर मौका बेहद महत्वपूर्ण होगा। आने वाले मुकाबलों में उनका प्रदर्शन यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है कि वह भारतीय टी20I टीम की योजनाओं में आगे भी बने रहते हैं या नहीं।


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Content Editor

Ishtpreet Singh

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