''CoE कोई रिहैब सेंटर नहीं है'', खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों पर VVS लक्ष्मण ने दिया बड़ा बयान
punjabkesari.in Sunday, Aug 09, 2026 - 02:48 PM (IST)
बेंगलुरु: भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की लगातार बढ़ती चोटों के बीच BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख VVS लक्ष्मण ने साफ किया है कि इस सुविधा की जिम्मेदारी सिर्फ चोटिल खिलाड़ियों के रिहैबिलिटेशन तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की फिटनेस पर नजर रखने और चोटों को रोकने के लिए बेहतर मॉनिटरिंग सिस्टम बेहद जरूरी है।
बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लक्ष्मण ने चोटों के लिए किसी एक व्यक्ति या विभाग को जिम्मेदार ठहराने से भी इनकार किया। उन्होंने कहा, 'CoE कोई रिहैब सेंटर नहीं है। BCCI ने हमें इससे कहीं बड़ी जिम्मेदारी और व्यापक भूमिका दी है।'
उन्होंने आगे कहा, 'चोटें किसी भी खिलाड़ी के करियर का हिस्सा हैं। इसलिए मॉनिटरिंग सिस्टम बहुत महत्वपूर्ण है। हम 'ब्लेम' शब्द का इस्तेमाल नहीं करते, क्योंकि ऐसा करने पर हम किसी को बलि का बकरा बनाने की कोशिश करेंगे।'
हाल में भारतीय खिलाड़ियों की चोटों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने रविवार को VVS लक्ष्मण से मुलाकात कर CoE में चल रहे रिहैबिलिटेशन और इंजरी मैनेजमेंट प्रोग्राम की समीक्षा की। इस दौरान BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास और बोर्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
Head of Sports Science and Medicine का पद अब भी खाली
लक्ष्मण ने CoE में Head of Sports Science and Medicine (SSM) का पद खाली होने को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व अधिकारी नितिन पटेल के जाने के बाद BCCI इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार तलाश रहा है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है।
लक्ष्मण ने कहा, 'नितिन के जाने के बाद हम उनकी जगह नहीं भर पाए। सब कुछ तय हो गया था, लेकिन एंड्रयू (लाइपस) ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए पीछे हटने का फैसला किया।' उन्होंने बताया कि BCCI ने इस पद के लिए पांच उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया था। इनमें सबसे आगे एक ऑस्ट्रेलियाई उम्मीदवार था, लेकिन उसने बेंगलुरु शिफ्ट होने में असमर्थता जताते हुए अपना नाम वापस ले लिया। लक्ष्मण के मुताबिक यह पद किसी कंसल्टेंट की भूमिका नहीं है, बल्कि इसमें रोजाना खिलाड़ियों की निगरानी जरूरी है।
उन्होंने कहा, 'हमने पांच उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया था। नंबर-1 उम्मीदवार ऑस्ट्रेलियाई था, लेकिन मैं उसका नाम नहीं बता सकता। उसने अचानक यह कहते हुए पीछे हट गया कि वह बेंगलुरु नहीं आ सकता। यह कंसल्टेंट की भूमिका नहीं है। आपको यहां रहना होगा, क्योंकि रोजाना मॉनिटरिंग करनी होती है।' लक्ष्मण ने यह भी बताया कि Head of SSM की नियुक्ति नहीं होने की स्थिति में CoE के अलग-अलग वर्टिकल हेड्स ने अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभाल ली हैं। उन्होंने कहा कि इस पद के लिए सिर्फ अनुभव और प्रतिष्ठा ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेटरों की जरूरतों को समझना भी बेहद जरूरी है।
कई बड़े भारतीय खिलाड़ी चोटिल
CoE में इस समय कई भारतीय खिलाड़ी अपनी चोटों से उबरने के लिए रिहैबिलिटेशन कर रहे हैं। जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा और नितीश कुमार रेड्डी चोट के कारण श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से बाहर हो चुके हैं। इसके अलावा हार्दिक पांड्या, वरुण चक्रवर्ती और प्रिंस यादव जैसे व्हाइट-बॉल क्रिकेटरों का रिहैब भी CoE में चल रहा है। ऐसे में खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों के बीच BCCI के इंजरी मैनेजमेंट सिस्टम पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। लक्ष्मण के बयान से साफ है कि BCCI अब सिर्फ चोट के बाद खिलाड़ियों को फिट करने के बजाय चोटों की रोकथाम, फिटनेस मॉनिटरिंग और वैज्ञानिक तरीके से खिलाड़ी प्रबंधन पर ज्यादा जोर देना चाहता है।

