जब सरफराज खान ने पिता से कहा: मैं मुंबई के लिए खेलूंगा या खेलना छोड़ दूंगा

punjabkesari.in Monday, Jul 04, 2022 - 05:32 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : मुंबई के स्टार बल्लेबाज सरफराज खान हाल ही में समाप्त हुए रणजी ट्रॉफी सीजन में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक थे जिन्होंने 9 पारियों में 982 रन बनाए और टीम को फाइनल में पहुंचाया। उन्होंने हाल ही में खुलासा किया कि वह एक बार यह सोचकर आंसू बहा रहे थे कि वह फिर कभी मुंबई के लिए नहीं खेलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई के लिए घरेलू प्रतियोगिता में शतक बनाना उनका सपना था। 

सरफराज ने कहा, जब मैं मुंबई से निकला था और यूपी जा रहा था, तब मैंने मुंबई के लिए अंडर-14, अंडर-16, अंडर-19, अंडर-25 के साथ-साथ रणजी ट्रॉफी भी खेली थी। तो हम सभी जानते हैं कि नीले रंग का जंबो बैग जिसमें मैं अपने सारे रणजी ट्रॉफी के कपड़े भर रहा था। इसलिए जब मैं उस बैग को स्टोर कर रहा था क्योंकि हमें अब उस किट की जरूरत नहीं थी, मेरी आंखों में आंसू थे क्योंकि मुंबई के कपड़ों में रणजी ट्रॉफी में शतक बनाना मेरा सपना था। 

उन्होंने कहा, मैं भावुक था क्योंकि मैंने सोचा था कि मैं फिर कभी मुंबई के लिए नहीं खेलूंगा। मैं यहां तक ​​चाहता था कि मेरी फोटो अखबारों में आए जहां मैंने अपना हेलमेट उतार दिया है और मैं शतक बनाकर अपना बल्ला दिखा रहा हूं। इस 24 वर्षीय ने कहा, "मैं मुंबई के लिए खेलने के लिए दृढ़ था इसलिए मैंने अपने पिता से कहा कि अगर मैं क्रिकेट खेलता हूं, तो मैं मुंबई के लिए खेलूंगा या मैं खेलना छोड़ दूंगा। 

गौर हो कि सरफराज ने फाइनल में134 और सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के 78 ने मुंबई को कुल 374 रन बनाने में मदद की। मध्य प्रदेश ने जवाब में यश दुबे, शुभम शर्मा और रजत पाटीदार के शतक के सौजन्य से कुल 536 रन बनाए। मुंबई अपनी तीसरी पारी में 162 रनों के पीछे कुल 269 रन बनाने के बाद मजबूत रिकवरी नहीं कर सकी और मध्य प्रदेश ने रणजी का खिताब अपने नाम किया। 
 


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Content Writer

Sanjeev

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