अश्मिता चालिहा ने रचा इतिहास, कोरिया मास्टर्स जीतकर पहली बार बनीं BWF वर्ल्ड टूर चैंपियन

punjabkesari.in Sunday, Aug 09, 2026 - 11:16 AM (IST)

आसान, दक्षिण कोरिया: भारत की युवा बैडमिंटन स्टार अश्मिता चालिहा ने रविवार को कोरिया मास्टर्स सुपर 300 टूर्नामेंट का महिला एकल खिताब जीतकर अपने करियर की बड़ी उपलब्धि हासिल की। आसन में खेले गए फाइनल में विश्व रैंकिंग में 50वें स्थान पर काबिज अश्मिता ने चीन की चौथी वरीयता प्राप्त और दुनिया की 35वें नंबर की खिलाड़ी हान कियान शी को 53 मिनट तक चले मुकाबले में 14-21, 21-14, 21-14 से हराया।

पहला गेम गंवाने के बाद अश्मिता ने शानदार वापसी की और लगातार दो गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह उनका पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब है।

पहला गेम हारने के बाद अश्मिता ने बदला खेल

अश्मिता ने मुकाबले की शुरुआत अच्छी की और शुरुआती दौर में 3-0 और फिर 9-5 की बढ़त बना ली। हालांकि, हान ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर 11-11 से बराबर कर दिया। इसके बाद चीनी खिलाड़ी ने लगातार अंक जुटाए और पहले गेम पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। हान ने अपनी लय बरकरार रखते हुए पहला गेम 21-14 से जीत लिया। शुरुआती गेम में हार के बावजूद अश्मिता ने दबाव में आने के बजाय दूसरे गेम में अपने खेल का स्तर और आक्रामकता दोनों बढ़ा दी।

दूसरे गेम में स्मैश से बनाया दबाव

दूसरे गेम में अश्मिता ने अपने स्मैश का बेहतरीन इस्तेमाल किया और हान को लगातार दबाव में रखा। दोनों खिलाड़ियों के बीच शुरुआत में 6-6 की बराबरी रही, लेकिन इंटरवल तक भारतीय खिलाड़ी ने 11-8 की बढ़त बना ली। इसके बाद अश्मिता ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। हान ने अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय शटलर ने 17-10 की बढ़त हासिल करने के बाद गेम 21-14 से जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक गेम में पहुंचा दिया।

निर्णायक गेम में पलटा मैच का रुख

तीसरे गेम की शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। अश्मिता ने शुरुआत में 5-2 की बढ़त बनाई, लेकिन इंटरवल तक हान ने वापसी करते हुए 11-9 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद अश्मिता ने धैर्य नहीं खोया और धीरे-धीरे मुकाबले का रुख अपने पक्ष में मोड़ दिया। भारतीय खिलाड़ी ने लगातार छह अंक हासिल करते हुए 15-11 की बढ़त बना ली।

इसके बाद अश्मिता ने एक शानदार क्रॉस-कोर्ट विनर लगाकर स्कोर 19-14 कर दिया। हान के रिटर्न शॉट के बाहर जाने के बाद अश्मिता को चैंपियनशिप प्वाइंट मिला और उन्होंने अगले ही मौके पर मुकाबला खत्म करते हुए अपना पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब जीत लिया।

चोट के बाद शानदार वापसी

अश्मिता की इस उपलब्धि को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि वह चोट के बाद लंबे ब्रेक से वापसी कर रही थीं। 2024 में कोरिया ओपन के दौरान उनके दाहिने घुटने में चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें सर्जरी करानी पड़ी थी। उन्होंने अगले साल फरवरी में वापसी की और 14 प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इसके बाद इस साल BWF टूर पर उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया। उन्होंने चाइना मास्टर्स और मलेशिया मास्टर्स में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया, जबकि मकाऊ ओपन में सेमीफाइनल तक पहुंचीं।


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Content Editor

Ishtpreet Singh

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