''कोई उन्हें टीम से बाहर नहीं कर सकता'', अश्विन ने 2027 वर्ल्ड कप के लिए रोहित-कोहली का किया समर्थन
punjabkesari.in Tuesday, Jul 21, 2026 - 11:50 AM (IST)
नई दिल्ली : भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर हो रही नई बहस के बीच उनका समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इन अनुभवी खिलाड़ियों को यह तय करने का हक है कि वे कब खेल से संन्यास लें।
लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के निर्णायक मैच में रोहित की 138 रनों की पारी के बाद अश्विन ने कहा कि जब तक ये दोनों दिग्गज खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं, तब तक उन्हें टीम से बाहर नहीं किया जा सकता। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'अगर वे खेलना चाहते हैं तो कोई विराट और रोहित को नहीं छू सकता। ऐसा उनके शानदार रिकॉर्ड की वजह से है। रोहित ने लगभग 12,000 रन बनाए हैं, कोई उन्हें टीम से बाहर नहीं कर सकता। दूसरी बात यह है कि वे बल्लेबाज हैं, और अगर आप उन्हें बाहर करते हैं, तो उनके बहुत सारे प्रशंसक हैं। लोग उन्हें देखने आते हैं। अगर आप उन्हें ड्रॉप करते हैं, तो बहुत बड़ा हंगामा हो जाएगा।'
पूर्व भारतीय कप्तान के खेलने के तरीके की तारीफ करते हुए अश्विन ने कहा कि एक बार जब रोहित अपनी पारी में जम गए, तो वे पूरी तरह से नियंत्रण में दिखे और उन्हें लगा कि वे और भी बड़ा स्कोर बना सकते थे। उन्होंने कहा, 'यह एक शानदार पारी थी। जोश टोंग की गेंद पर पुल शॉट खेलने के बाद वे जम गए थे। मुझे लगता है कि चोट के बाद रोहित की वापसी का यह रास्ता है। अगर वे थोड़ी बेहतर स्थिति में होते या अधिक आत्मविश्वास से भरे होते, तो वे 180 रन बना सकते थे और टीम को मैच जिता सकते थे। मुझे लगा कि रोहित वास्तव में अच्छी फॉर्म में थे।'
अश्विन ने यह भी कहा कि रोहित का मोटिवेशन अब आलोचकों को जवाब देने या अपनी काबिलियत साबित करने की जरूरत से नहीं, बल्कि अगले वनडे वर्ल्ड कप में खेलने की उनकी अपनी इच्छा से आता है। अश्विन ने कहा, 'वे जिस स्थिति में हैं और जिस तरह से उन्होंने बल्लेबाजी की, उनके लिए यह मुश्किल नहीं है। हमने उन्हें इतने सालों से देखा है, अब कुछ भी साबित करने को नहीं बचा है। उन्हें किसे साबित करना है? यह सिर्फ अंदर की इच्छा की बात है, मुझे वर्ल्ड कप में जाना है, इसलिए मुझे इस तरह खेलना है।'
रोहित की शानदार 138 रनों की पारी के बावजूद भारत का स्कोर 360/7 तक ही सीमित रहा। इंग्लैंड ने आखिरी ओवरों में संयम बनाए रखते हुए लॉर्ड्स में 27 रनों से जीत दर्ज की और तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।

