ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज की सेहत में सुधार, डेमियन मार्टिन कोमा से आए बाहर
punjabkesari.in Sunday, Jan 04, 2026 - 03:50 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान बल्लेबाज डेमियन मार्टिन को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। मेनिन्जाइटिस से पीड़ित मार्टिन को डॉक्टरों ने कुछ दिन पहले कृत्रिम कोमा (Induced Coma) में रखा था, लेकिन अब वह कोमा से बाहर आ चुके हैं और उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। 54 वर्षीय मार्टिन फिलहाल गोल्ड कोस्ट के अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
एडम गिलक्रिस्ट ने दी बड़ी अपडेट
मार्टिन के करीबी दोस्त और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट ने उनकी सेहत को लेकर अहम जानकारी साझा की है। गिलक्रिस्ट के मुताबिक, डेमियन मार्टिन अब बात कर पा रहे हैं और इलाज का सकारात्मक असर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि कोमा से बाहर आने के बाद मार्टिन की रिकवरी बेहद शानदार रही है, जिसे उनका परिवार किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहा।
गिलक्रिस्ट ने यह भी बताया कि डॉक्टर जल्द ही उन्हें आईसीयू से अस्पताल के दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर सकते हैं, जो उनकी तेज रिकवरी का संकेत है। उन्होंने फेसटाइम पर मार्टिन से बात करने का जिक्र करते हुए कहा कि वह अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं, थोड़े सुस्त और थके हुए जरूर हैं, लेकिन हालात को समझने लगे हैं और संवाद कर रहे हैं।
परिवार और मेडिकल टीम का आभार
डेमियन मार्टिन की पत्नी अमांडा ने भी शनिवार को उनकी सेहत को लेकर अपडेट देते हुए बताया कि वह तेजी से बेहतर हो रहे हैं। उन्होंने गोल्ड कोस्ट यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल की मेडिकल टीम के प्रति गहरा आभार जताया, जिनके प्रयासों से यह सुधार संभव हो पाया है।
शानदार क्रिकेट करियर
डेमियन मार्टिन ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। उन्होंने 67 टेस्ट मैचों में 4,406 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 46.37 रहा। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 208 मैचों में 5,346 रन बनाए और उनका औसत 40.90 रहा, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर 144 नाबाद रहा।
मार्टिन ऑस्ट्रेलिया की 1999 और 2003 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। खासतौर पर 2003 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के खिलाफ उन्होंने टूटे हुए उंगली के साथ 88 रन की नाबाद पारी खेली थी और कप्तान रिकी पोंटिंग के साथ 234 रन की ऐतिहासिक साझेदारी कर टीम को खिताब दिलाया था। इसके अलावा वह 2006 चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहे। क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने कुछ समय तक कमेंट्री भी की।

