उसमें ''एक्स-फैक्टर'' महसूस किया, कप्तान सूर्यकुमार ने इस खिलाड़ी को विश्व कप टीम में चुनने की वजह बताई

punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 01:26 PM (IST)

नई दिल्ली : भारतीय टीम के कप्तान Suryakumar Yadav ने खुलासा किया है कि उन्होंने Ishan Kishan को ICC पुरुष टी20 विश्व कप 2026 की टीम में शामिल करने का फैसला मुख्य रूप से अपनी गट फीलिंग के आधार पर लिया था। सूर्यकुमार का मानना था कि किशन में ऐसा ‘X-फैक्टर’ है जो बड़े मैचों का रुख बदल सकता है। उन्होंने कहा कि यह फैसला आसान नहीं था क्योंकि टीम में पहले से मौजूद विकेटकीपर बल्लेबाज Jitesh Sharma भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। 

गट फीलिंग और डेटा का मिला-जुला फैसला

सूर्यकुमार यादव ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में बताया कि टीम चयन के दौरान उन्होंने अपनी अंतर्ज्ञान और उपलब्ध आंकड़ों दोनों को ध्यान में रखा। उन्होंने कहा कि जितेश शर्मा पिछले एक साल से टीम का हिस्सा थे और अच्छा प्रदर्शन भी कर रहे थे। इसलिए उन्हें टीम से बाहर करना काफी कठिन निर्णय था। हालांकि टीम संयोजन को देखते हुए भारत को ऐसे बल्लेबाज की जरूरत थी जो टॉप ऑर्डर में आकर तेज गति से रन बना सके, और यही भूमिका ईशान किशन बेहतर तरीके से निभा सकते थे।

किशन में दिखा खास ‘X-फैक्टर’

सूर्यकुमार के मुताबिक, उन्हें हमेशा से विश्वास था कि ईशान किशन में मैच का रुख बदलने की क्षमता है। उन्होंने बताया कि किशन के पास आक्रामक बल्लेबाजी शैली है और वह दबाव में भी खुलकर खेल सकते हैं। कप्तान ने कहा कि किशन पर किसी तरह का मानसिक बोझ नहीं था, यही वजह है कि वह मैदान पर बिना डर के अपना स्वाभाविक खेल दिखा सके।

दिलचस्प फोन कॉल से हुआ चयन

सूर्यकुमार यादव ने किशन के चयन से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि टीम चयन से पहले उन्होंने ईशान किशन को फोन किया और मजाकिया अंदाज में पूछा, “छोटू, वर्ल्ड कप जितवाएगा?” इस पर किशन ने जवाब दिया, “अगर आप भरोसा करेंगे तो जरूर।” सूर्यकुमार ने कहा कि उसी आत्मविश्वास ने उन्हें और भी यकीन दिलाया कि किशन टीम के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।

मुश्किल दौर से गुजर रहे थे किशन

कप्तान ने बताया कि उस समय ईशान किशन अपने करियर के कठिन दौर से गुजर रहे थे। कुछ समय तक राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने के बाद उन्होंने खुद को फिट और तैयार रखने के लिए देशभर में कई छोटे-बड़े मैच खेले। यह मेहनत उनके लिए फायदेमंद साबित हुई और उन्होंने टीम में वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन किया।

वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन

ईशान किशन ने कप्तान के भरोसे को सही साबित किया। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने ओपनर और तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए नौ मैचों में 190 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए। उनका यह स्कोर टूर्नामेंट में चौथा सबसे बड़ा था। सेमीफाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 18 गेंदों में 39 रन की तेज पारी खेली, जबकि फाइनल में शानदार अर्धशतक जड़कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया।

भारत ने रचा इतिहास

इस टूर्नामेंट में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। यह पहली बार था जब किसी टीम ने लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप जीतने का कारनामा किया। इससे पहले भारत ने 2024 में Bridgetown में खेले गए टूर्नामेंट में Rohit Sharma की कप्तानी में ट्रॉफी जीती थी। 

कप्तानी संभालने के बाद बदली टीम की दिशा

2024 विश्व कप के बाद रोहित शर्मा ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया और कुछ ही समय बाद सूर्यकुमार यादव को टीम की कप्तानी सौंप दी गई। सूर्यकुमार ने मुख्य कोच Gautam Gambhir के साथ मिलकर टीम को नई दिशा दी। उनकी कप्तानी में टीम ने आक्रामक क्रिकेट खेलते हुए एक और विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया।

टीम चयन में संतुलन जरूरी

सूर्यकुमार यादव ने अंत में कहा कि टीम चयन हमेशा कठिन होता है, क्योंकि कई बार अच्छे खिलाड़ियों को भी बाहर बैठना पड़ता है। हालांकि उनका मानना है कि सही समय पर लिया गया फैसला टीम की सफलता तय कर सकता है, और ईशान किशन को मौका देना उसी तरह का एक फैसला था जिसने भारत को विश्व कप जिताने में बड़ी भूमिका निभाई।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Sanjeev

Related News