क्रिकेट जगत में शोक की लहर, 1600 से अधिक विकेट लेने वाले दिग्गज स्पिनर का निधन
punjabkesari.in Wednesday, Jan 21, 2026 - 03:50 PM (IST)
लंदन : इंग्लैंड, वोरसेस्टरशायर और वार्विकशायर के पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर नॉर्मन गिफोर्ड का लंबी बीमारी के बाद 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से इंग्लिश क्रिकेट और काउंटी क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
नॉर्मन गिफोर्ड वोरसेस्टरशायर की उन ऐतिहासिक टीमों के अहम सदस्य थे, जिन्होंने 1964 और 1965 में काउंटी चैम्पियनशिप का खिताब जीता। इसके अलावा उन्होंने 1974 में क्लब को एक और चैम्पियनशिप दिलाई और 1971 में वोरसेस्टरशायर की तीन संडे लीग खिताबी जीतों में से पहली में अहम भूमिका निभाई।
22 साल लंबा काउंटी करियर, 1600 से ज्यादा विकेट
गिफोर्ड ने 1960 से 1982 के बीच कुल 22 वर्षो तक वोरसेस्टरशायर का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने 1,615 फर्स्ट क्लास विकेट झटके, जो उन्हें क्लब के महानतम गेंदबाजों में शुमार करता है। उनके शानदार योगदान के लिए उन्हें 1975 में विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया, जबकि क्रिकेट के प्रति सेवाओं के सम्मान में 1978 में एमबीई (MBE) से नवाजा गया।
टेस्ट और वनडे में भी दिखाया दम
नॉर्मन गिफोर्ड ने 1964 से 1973 के बीच इंग्लैंड के लिए 15 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 31.09 की औसत से 33 विकेट हासिल किए। उनका सर्वश्रेष्ठ टेस्ट प्रदर्शन कराची में पाकिस्तान के खिलाफ 55 रन देकर 5 विकेट रहा।
एक दिलचस्प और दुर्लभ अध्याय तब जुड़ा, जब 44 वर्ष की उम्र में उन्होंने शारजाह में आयोजित रॉथमैन फोर-नेशंस कप में इंग्लैंड की कप्तानी की। थकाऊ अंतरराष्ट्रीय सत्र के चलते कई वरिष्ठ खिलाड़ी टीम से बाहर थे, जिनमें नियमित कप्तान डेविड गोवर भी शामिल थे। हालांकि इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में गिफोर्ड ने 10 किफायती ओवरों में 23 रन देकर 4 विकेट झटककर सबका ध्यान खींचा।
वार्विकशायर की कप्तानी और क्रिकेट से विदाई
अपने करियर के अंतिम दौर में गिफोर्ड वार्विकशायर चले गए, जहां उन्होंने पांच सीजन तक कप्तानी की। इसके बाद उन्होंने 1988 में 48 वर्ष की उम्र में क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
नॉर्मन गिफोर्ड ट्रॉफी से आज भी जिंदा है विरासत
वोरसेस्टरशायर और वार्विकशायर—दोनों क्लबों पर उनके गहरे प्रभाव को सम्मान देने के लिए नॉर्मन गिफोर्ड ट्रॉफी की शुरुआत की गई, जिसके लिए दोनों टीमें वाइटैलिटी ब्लास्ट के मुकाबलों में आमने-सामने होती हैं। संन्यास के बाद गिफोर्ड वोरसेस्टरशायर क्लब में प्रेसिडेंट के रूप में लौटे और बाद में उन्हें ऑनरेरी वाइस प्रेसिडेंट का पद सौंपा गया।

