सिर्फ गंभीर को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, भारत के शर्मनाक प्रदर्शन पर बोले चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष

punjabkesari.in Monday, Jul 13, 2026 - 06:44 PM (IST)

नई दिल्ली : भारत के पूर्व क्रिकेटर और चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष एमएसके प्रसाद का मानना है कि इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं में मुख्य कोच गौतम गंभीर का सही आकलन नहीं किया जा सकता क्योंकि टीम के दो प्रमुख खिलाड़ी हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह उपलब्ध नहीं थे। पांड्या फिटनेस कारणों से दौरे का हिस्सा नहीं थे, जबकि बुमराह को टी20 प्रारूप से आराम दिया गया था। भारत को आयरलैंड के खिलाफ चौंकाने वाली 0-2 और इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से श्रृंखला गंवानी पड़ी। 

प्रसाद ने सोमवार को कहा, 'सिर्फ टीम के खराब प्रदर्शन के आधार पर पूरा दोष मुख्य कोच पर नहीं डाला जा सकता। यह नहीं कहा जा सकता कि गंभीर खिलाड़ियों को प्रेरित नहीं कर पाए। जब टीम टूर्नामेंट या विश्व कप जीतती है तो उसका श्रेय भी केवल कोच को नहीं दिया जा सकता। सफलता और असफलता कई वजहों पर निर्भर करती है। ऐसे में गंभीर को अभी खारिज करना जल्दबाजी होगी।' 

उन्होंने कहा कि गंभीर का वास्तविक आकलन तब होना चाहिए, जब भारत अपनी पूर्ण क्षमता वाली टीम के साथ अगली टी20 श्रृंखला खेले। प्रसाद ने विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को टीम से बाहर किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर बार संजू पर ही चयन की गाज गिरना समझ से परे है। उन्होंने कहा, 'संजू को बाहर करना बड़ी गलती थी। इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में वह भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं। उछाल वाली पिचों पर उनका खेल बेहद प्रभावी रहता है।' 

पूर्व चयनकर्ता ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में पदार्पण कराने के फैसले पर भी सवाल उठाया। उनके अनुसार, इससे टीम संयोजन पर अनावश्यक दबाव बना। उन्होंने कहा, 'किसी युवा खिलाड़ी को तैयार करना है तो उसे धीरे-धीरे आगे बढ़ाना चाहिए। आयरलैंड या जिम्बाब्वे जैसे दौरों पर उसे अवसर देना समझ में आता है, लेकिन 15 वर्ष के असाधारण प्रतिभाशाली खिलाड़ी के साथ बेहद सावधानी बरतनी चाहिए।' 

उन्होंने यह भी कहा कि सूर्यवंशी को पहले आयरलैंड दौरे पर मौका दिया जाना चाहिए था और उससे पहले उन्हें घरेलू क्रिकेट का पूरा एक सत्र खेलने दिया जाता तो बेहतर होता। प्रसाद ने कहा, 'वैभव लगातार खेल रहे हैं, IPL, फिर इंडिया ए श्रृंखला। इतनी कम उम्र में लगातार क्रिकेट खेलना आसान नहीं होता। ऐसे खिलाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना ही बेहतर होता है।' 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Sanjeev

Related News