क्या पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप में सिर्फ एक मैच का बहिष्कार कर सकता है? जानें क्या कहते हैं ICC के नियम

punjabkesari.in Tuesday, Feb 03, 2026 - 11:20 AM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : पाकिस्तान सरकार ने वैश्विक क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी, जब उसने 15 फरवरी को होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले में अपनी टीम को मैदान में उतरने से रोक दिया। हालांकि सरकार ने T20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान की भागीदारी को मंजूरी दी है, लेकिन भारत के खिलाफ एकमात्र मैच के ‘चयनित बहिष्कार’ का फैसला लिया गया।

सरकार ने इस कदम को बांग्लादेश के समर्थन में एकजुटता बताया है, जिसे ICC द्वारा टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था। शुरुआत में PCB पूरे टूर्नामेंट के बहिष्कार पर विचार कर रहा था, लेकिन अंततः सरकार ने सिर्फ भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला किया।

क्या ICC नियम इसकी अनुमति देते हैं?

तकनीकी रूप से देखा जाए तो ICC के नियम किसी टीम को सिर्फ एक मैच छोड़ने से नहीं रोकते। हालांकि, ICC ने ऐसे मामलों में यह सुनिश्चित किया है कि डिफॉल्ट करने वाली टीम को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ें।

अगर पाकिस्तान 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करता है, तो ICC के नियम और प्लेइंग कंडीशंस के तहत उसके क्या नतीजे होंगे, आइए समझते हैं।

1. वॉकओवर नियम: भारत को सीधे जीत

ICC प्लेइंग कंडीशंस के अनुसार, अगर कोई टीम मैदान में उतरने से इनकार करती है, तो मुकाबला वॉकओवर के रूप में विपक्षी टीम को दे दिया जाता है।

इस स्थिति में भारत को अंक तभी मिलेंगे जब भारतीय टीम स्टेडियम में मौजूद हो। अगर कप्तान सूर्यकुमार यादव टॉस के लिए आते हैं और पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा उपस्थित नहीं होते, तो मैच रेफरी भारत को 2 अंक दे देगा।

नेट रन रेट पर छिपा हुआ बड़ा झटका

वॉकओवर के साथ एक बड़ा छिपा हुआ खेल नुकसान भी जुड़ा है। ICC की क्लॉज 16.10.7 के तहत, डिफॉल्ट करने वाली टीम को ऐसा माना जाएगा जैसे उसने पूरे 20 ओवर खेले हों लेकिन 0 रन बनाए हों।

इससे पाकिस्तान का नेट रन रेट (NRR) बुरी तरह गिर जाएगा और बाकी मैच जीतने के बावजूद सुपर-8 में पहुंचना बेहद मुश्किल हो सकता है।

2. आर्थिक और व्यावसायिक नुकसान

यहां से PCB की असली परेशानी शुरू होती है। भारत-पाकिस्तान मुकाबला सिर्फ इस टूर्नामेंट ही नहीं, बल्कि पूरे क्रिकेट इकोसिस्टम की सबसे बड़ी कमाई का जरिया माना जाता है।

ब्रॉडकास्टर्स (जैसे JioStar) को इस एक मैच से करीब 25 से 30 मिलियन डॉलर के विज्ञापन नुकसान का अनुमान है। ऐसे में ब्रॉडकास्टर ICC से रिबेट की मांग कर सकता है। ICC को अधिकार है कि वह यह आर्थिक नुकसान सीधे PCB पर डाल दे।

इतना ही नहीं, ICC PCB की सालाना रेवेन्यू शेयरिंग भी रोक सकता है, जो पाकिस्तान क्रिकेट बजट का लगभग 70–80 प्रतिशत हिस्सा होती है। इससे PCB की आर्थिक स्थिति चरमरा सकती है।

3. सरकारी दखल और ICC संविधान

ICC संविधान के अनुच्छेद 2.4 (D) के अनुसार, किसी भी सदस्य बोर्ड को अपने कामकाज में सरकारी हस्तक्षेप से बचना होता है।

हालांकि पूर्व PCB चेयरमैन एहसान मानी का तर्क है कि सरकारी आदेशों का पालन करने से पाकिस्तान को ICC की सजा से बचाया जा सकता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह टूर्नामेंट की निष्पक्षता का उल्लंघन है।

पुराने उदाहरण क्यों अलग हैं

1996 और 2003 में कुछ टीमों ने सुरक्षा कारणों से मैच नहीं खेले थे—जैसे ऑस्ट्रेलिया का श्रीलंका दौरा रद्द करना। लेकिन मौजूदा मामला अलग है, क्योंकि पाकिस्तान श्रीलंका जैसे न्यूट्रल वेन्यू पर भी खेलने से इनकार कर रहा है। इस वजह से यह कदम सीधे तौर पर ICC संविधान का उल्लंघन माना जा सकता है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Ishtpreet Singh

Related News