एशियन कप में ईरानी टीम का ‘मौन’ प्रदर्शन, राष्ट्रगान के दौरान साधी चुप्पी
punjabkesari.in Wednesday, Mar 04, 2026 - 01:20 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : एशियन कप के उद्घाटन मुकाबले में ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने ऐसा कदम उठाया, जिसने खेल से ज्यादा राजनीति और सामाजिक हालात पर बहस छेड़ दी। गोल्ड कोस्ट स्टेडियम में राष्ट्रगान का बॉयकॉट करते हुए खिलाड़ियों ने चुप्पी साध ली। कैमरे जब टीम और कोच पर फोकस हुए तो किसी ने भी राष्ट्रगान नहीं गाया। इजरायल और अमेरिका के हालिया सैन्य हमलों के बाद यह ‘मौन’ कई मायनों में प्रतीकात्मक माना जा रहा है। मैदान पर मुकाबला भले एकतरफा रहा, लेकिन चर्चा इस खामोशी की रही।
राष्ट्रगान के समय खामोशी
ईरान का आधिकारिक राष्ट्रगान ‘Mehr-e Khavaran’ 1990 में अपनाया गया था। आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में खिलाड़ी पूरे सम्मान के साथ इसे गाते हैं। लेकिन इस बार दृश्य अलग था। टीम के किसी भी खिलाड़ी या कोच के होंठ हिलते नहीं दिखे। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों और प्रसारण देख रहे लोगों ने इस चुप्पी को तुरंत नोटिस किया। इसे देश के भीतर और बाहर जारी तनावपूर्ण हालात के संदर्भ में देखा जा रहा है।
स्टैंड्स में पुराना झंडा
गोल्ड कोस्ट के स्टैंड्स में बड़ी संख्या में ईरानी समर्थक मौजूद थे। कई प्रशंसक 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले इस्तेमाल होने वाले झंडे के साथ नजर आए, जिसमें शेर और सूरज का प्रतीक था। 1907 में अपनाए गए उस ऐतिहासिक झंडे को बाद में मौजूदा हरे-सफेद-लाल डिजाइन से बदल दिया गया। दर्शकों द्वारा पुराने प्रतीक का प्रदर्शन भी इस मुकाबले को राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना गया।
The Iranian women’s national football team refused to sing the anthem of the Islamic Regime. Tonight. At the opening match of the Asian Cup. In front of the entire world.
— Samantha Smith (@SamanthaTaghoy) March 3, 2026
So, to all liberal Western women:
Watch and learn.
THIS is what real feminism looks like. pic.twitter.com/SriXGbipsY
मैदान पर दक्षिण कोरिया का दबदबा
मैच की बात करें तो मुकाबला काफी हद तक एकतरफा रहा। दक्षिण कोरिया टीम ने शुरुआत से ही नियंत्रण बनाए रखा। पहले हाफ में कोरिया ने 81 प्रतिशत गेंद पर कब्जा रखते हुए 20 शॉट लगाए। 37वें मिनट में जांग सेल-गी का प्रयास पोस्ट से टकराया और रिबाउंड पर चोए यू-री ने गोल कर बढ़त दिलाई। ईरान की रक्षापंक्ति दबाव में नजर आई और ब्रेक तक कोरिया ने बढ़त कायम रखी।
ईरान की कोशिश, लेकिन नतीजा नहीं बदला
दूसरे हाफ में ईरान ने तीन बदलाव किए और अधिक आक्रामक रणनीति अपनाई। 56वें मिनट में जाहरा घनबारी को बराबरी का मौका मिला, लेकिन उनका शॉट सीधे गोलकीपर किम मिन-जुंग के हाथों में चला गया। इसके बाद भी कोरिया का दबदबा जारी रहा और अंततः मैच 3-0 से समाप्त हुआ। स्कोरलाइन ने मैदान पर दोनों टीमों के बीच अंतर को साफ दिखाया।
कोच की चुप्पी
ईरान की कोच मरजियेह जाफरी से जब सैन्य घटनाओं और देश के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei से जुड़े सवाल पूछे गए तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। टूर्नामेंट से पहले उन्होंने कहा था कि 2022 के संस्करण की तुलना में इस बार ग्रुप अधिक चुनौतीपूर्ण है, लेकिन टीम अनुभव के साथ उतरी है और वह ईरानी महिलाओं की क्षमता दिखाना चाहती है।

