Israel-Iran युद्ध का असर फुटबॉल विश्व कप पर, ईरान की जगह इस टीम को मिल सकता है मौका
punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 11:25 AM (IST)
जेनेवा : मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच आगामी फुटबॉल विश्व कप में ईरान की भागीदारी पर संशय गहरा गया है। अमेरिका की पहल पर क्षेत्र में जारी तनाव को देखते हुए तीन महीने बाद होने वाली इस बड़ी प्रतियोगिता में ईरान का खेलना संदिग्ध माना जा रहा है। ऐसी स्थिति में उसकी जगह इराक या संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को मौका मिल सकता है।
अमेरिका में होने हैं ईरान के ग्रुप मैच
ईरान को ग्रुप चरण के अपने तीनों मैच अमेरिका में खेलने हैं। उसे ग्रुप जी में रखा गया है, जहां 15 जून को इंग्लेवुड (कैलिफोर्निया) में न्यूजीलैंड और 21 जून को बेल्जियम से मुकाबला करना है। इसके बाद 26 जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ अंतिम ग्रुप मैच खेलना निर्धारित है।
बढ़ते संघर्ष से स्थिति जटिल
अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान द्वारा जवाबी कार्रवाई किए जाने से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कतर और सऊदी अरब जैसे अमेरिकी सहयोगी देशों पर मिसाइलें दागीं। इसी बीच, फीफा ने सऊदी अरब को 2034 विश्व कप की मेजबानी सौंपी है।
एशियाई फुटबॉल महासंघ के उपाध्यक्ष और ईरान के शीर्ष फुटबॉल अधिकारी Mehdi Taj ने कहा, “इस हमले के बाद विश्व कप में भागीदारी को लेकर हम आशान्वित नजरिए से नहीं देख सकते।”
फीफा की चुप्पी, भविष्य अनिश्चित
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान 11 जून से शुरू होने वाले विश्व कप के लिए टीम भेजेगा या नहीं, अथवा अमेरिका सरकार उसके प्रवेश पर रोक लगाएगी। फीफा ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। ईरान एशियाई फुटबॉल की मजबूत टीम मानी जाती है और उसने पिछले आठ में से छह विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया है।
आर्थिक नुकसान और संभावित विकल्प
यदि ईरान विश्व कप से हटता है तो उसके फुटबॉल महासंघ को कम से कम 10.5 मिलियन डॉलर का नुकसान होगा और उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में एशिया से इराक या यूएई संभावित विकल्प हो सकते हैं।
इराक एशियाई क्वालीफाइंग में नौवें स्थान पर रहा और उसने प्लेऑफ में यूएई को हराया। अब उसे 31 मार्च को बोलीविया या सूरीनाम के खिलाफ मुकाबला खेलना है। जीत की स्थिति में वह सीधे विश्व कप में पहुंच सकता है, जबकि हार की स्थिति में भी ईरान के हटने पर उसे मौका मिल सकता है।

