ग्रैंड स्लैम प्राइज मनी बढ़ाने की मुहिम में उतरीं जेसिका पेगुला, सिनर और सबालेंका ने भी दिया समर्थन
punjabkesari.in Tuesday, May 12, 2026 - 11:33 AM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : Jessica Pegula टेनिस खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि बढ़ाने की मांग को लेकर खुलकर सामने आई हैं। रोम में चल रहे टूर्नामेंट के दौरान पेगुला ने कहा कि अब समय आ गया है जब खिलाड़ियों को टूर्नामेंट के राजस्व में बड़ा हिस्सा मिलना चाहिए। इस अभियान को पुरुष वर्ग के विश्व नंबर-1 Jannik Sinner और महिला वर्ग की नंबर-1 खिलाड़ी Aryna Sabalenka का भी समर्थन मिला है।
खिलाड़ियों को एकजुट कर रही हैं पेगुला
यूएस ओपन 2024 की रनर-अप रहीं पेगुला खिलाड़ियों को इस मुद्दे पर एक मंच पर लाने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें खिलाड़ियों से सीधे बात करने में कोई परेशानी नहीं होती। पेगुला ने कहा, 'मैं किसी भी खिलाड़ी से जाकर पूछ सकती हूं कि क्या वह इस मुद्दे में दिलचस्पी रखता है या नहीं। कुछ खिलाड़ी इसे लेकर ज्यादा चिंतित नहीं होते, लेकिन कई खिलाड़ी पूरी तरह समर्थन में हैं।' उन्होंने बताया कि वह पुरुष और महिला दोनों वर्ग के खिलाड़ियों से लगातार बातचीत कर रही हैं।
टेनिस में खिलाड़ियों को कम मिलता है हिस्सा
पेगुला ने इशारों में कहा कि दूसरे बड़े खेलों की तुलना में टेनिस खिलाड़ियों को काफी कम हिस्सा मिलता है। NFL और NHL जैसी लीग्स में खिलाड़ियों को करीब 50 प्रतिशत राजस्व दिया जाता है, जबकि अधिकतर टेनिस टूर्नामेंट्स में खिलाड़ियों का हिस्सा इससे काफी कम रहता है। खिलाड़ियों द्वारा जारी बयान के मुताबिक, French Open में खिलाड़ियों को कुल राजस्व का 14.9 प्रतिशत से भी कम हिस्सा मिलने की बात कही गई है।
सबालेंका और सिनर ने भी उठाई आवाज
पिछले सप्ताह एरीना सबालेंका ने कहा था कि खिलाड़ियों को ज्यादा हिस्सेदारी के लिए बहिष्कार जैसे कदम पर भी विचार करना चाहिए। वहीं यानिक सिनर ने टूर्नामेंट आयोजकों पर खिलाड़ियों के प्रति सम्मान की कमी का आरोप लगाया था। पेगुला ने दोनों खिलाड़ियों के समर्थन की सराहना करते हुए कहा, 'जब दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी किसी मुद्दे पर खुलकर बोलते हैं, तो उनकी बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।'
खेल प्रबंधन परिवार से आती हैं पेगुला
जेसिका पेगुला ऐसे परिवार से आती हैं, जिसका खेल प्रबंधन से गहरा संबंध रहा है। उनके माता-पिता NFL टीम बफेलो बिल्स और NHL टीम बफेलो सेब्र्स के मालिक हैं। पेगुला का मानना है कि इसी वजह से उनमें नेतृत्व की भावना स्वाभाविक रूप से आई है और वह खिलाड़ियों की आवाज उठाने में सहज महसूस करती हैं।

