बहुत से खिलाड़ी अपना कोटा पूरा करके चले जाते हैं, लेकिन भुवी ऐसे नहीं हैं, चावला ने खोला सफलता का राज

punjabkesari.in Tuesday, Apr 28, 2026 - 04:45 PM (IST)

नई दिल्ली : भारत के पूर्व लेग-स्पिनर पीयूष चावला ने भुवनेश्वर कुमार की लगातार मेहनत और लगन की तारीफ करते हुए कहा कि इस सीनियर तेज गेंदबाज का 'क्वालिटी' (गुणवत्ता) से ज्यादा 'क्वांटिटी' (मात्रा) वाली प्रैक्टिस में विश्वास ही सोमवार को दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए उनकी मैच जिताऊ परफॉर्मेंस की मुख्य वजह बना। चावला ने वर्कलोड मैनेजमेंट और आधुनिक ट्रेनिंग तरीकों को लेकर चल रही बहस का जिक्र करते हुए भुवनेश्वर कुमार की समझदारी भरी और अनुशासित प्रैक्टिस रूटीन की तारीफ की जिसका नतीजा लगातार मैदान पर शानदार परफॉर्मेंस के रूप में देखने को मिलता है। 

चावला ने कहा, 'लोग वर्कलोड मैनेजमेंट और क्वालिटी प्रैक्टिस की बातें करते हैं। मैं समझता हूं कि इतने सालों तक खेलने के बाद आपको पता चल जाता है कि गेंद कहां डालनी है। लेकिन फिर भी, आपको मैदान पर जाकर उतनी गेंदें डालनी पड़ती हैं जितनी आप डालना चाहते हैं। मैं सिर्फ क्वालिटी प्रैक्टिस में ज़्यादा विश्वास नहीं रखता, क्योंकि मेरा मानना ​​है कि क्वांटिटी भी जरूरी है, और भुवी भी यही करते हैं। जब भी वह नेट्स पर जाते हैं, तो यह पक्का करते हैं कि वह आठ से दस ओवर गेंदबाजी करें और अपनी लय वापस पा लें। यही बात उन्हें एक बेहतर गेंदबाज बनाती है।' 

चावला का मानना ​​है कि भुवनेश्वर का ट्रेनिंग में लंबे समय तक मेहनत करने और टूर्नामेंट्स के दौरान अपनी पूरी ताकत बनाए रखने का समर्पण ही उन्हें अपने कई साथियों से अलग बनाता है। उन्होंने कहा, 'भुवी की सबसे अच्छी बात यह है कि वह बहुत ज्यादा मेहनत करते हैं। वह यह पक्का करते हैं कि वह जो भी मैच खेल रहे हैं, उसे पूरी ताकत के साथ खेलें। मैंने बहुत से ऐसे खिलाड़ियों को देखा है जो घरेलू क्रिकेट में आते हैं, बस अपना कोटा पूरा करते हैं और चले जाते हैं, लेकिन भुवी ऐसे नहीं हैं।' 

चावला ने आगे जोर देकर कहा कि भुवनेश्वर का समर्पण सिर्फ इंटरनेशनल और IPL मैचों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह घरेलू टूर्नामेंट्स में भी पूरी शिद्दत से हिस्सा लेते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर वह किसी खास टूर्नामेंट के लिए आए हैं, तो वह पूरे टूर्नामेंट तक वहीं रुकते हैं। जब वह UP लीग में भी जाते हैं, तो वह सभी मैच खेलते हैं। यह कोई छोटा टूर्नामेंट नहीं है, यह लगभग 25 से 30 दिनों तक चलता है।' 


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Content Writer

Sanjeev

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