10 की जगह लगाए सिर्फ 9 हर्डल, एक गलती ने तोड़ दिया एथलीट का फाइनल खेलने का सपना

punjabkesari.in Saturday, Jun 27, 2026 - 04:57 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : भुवनेश्वर में चल रही राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के महिला 400 मीटर बाधा दौड़ (हर्डल्स) में अधिकारियों की गंभीर लापरवाही सामने आई। तमिलनाडु की धाविका आर. हर्षिता जिस लेन (लेन-8) में दौड़ रही थीं, वहां 10 की जगह केवल 9 बाधाएं लगाई गई थीं। इस गलती का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा और वह फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं।

दौड़ के बीच हो गईं भ्रमित

शुक्रवार को आयोजित हीट-1 में हर्षिता ने 1 मिनट 01.03 सेकंड का समय लेकर तीसरा स्थान हासिल किया था और शुरुआती तौर पर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया था। हालांकि, चौथी बाधा पार करने के बाद जब उन्हें अपनी लेन में अगली बाधा नहीं दिखाई दी तो वह असमंजस में पड़ गईं। उन्होंने तुरंत फैसला लेते हुए बगल की लेन की बाधा पार की और फिर अपनी लेन में लौटकर दौड़ पूरी की। सौभाग्य से दूसरी लेन की धाविका काफी पीछे थी, इसलिए किसी तरह की टक्कर नहीं हुई।

नियमों के तहत दोबारा दौड़ने का मिला मौका

बाद में अधिकारियों ने जांच में स्वीकार किया कि लेन-8 में पांचवीं बाधा लगाई ही नहीं गई थी। इसके बाद विश्व एथलेटिक्स के नियम 18.7 के तहत हर्षिता को शनिवार सुबह अकेले दोबारा दौड़ने का अवसर दिया गया। लेकिन दूसरी बार वह 1 मिनट 02.54 सेकंड का समय ही निकाल सकीं, जो उनके पहले प्रदर्शन से धीमा था। इसी कारण वह फाइनल में जगह बनाने से वंचित रह गईं।

'मैं निराश हूं, लेकिन अब कुछ नहीं कर सकती'

घटना के बाद हर्षिता ने निराशा जरूर जताई, लेकिन पूरे मामले को खेल भावना के साथ स्वीकार किया। 'मुझे चौथी बाधा के बाद अपनी लेन में कोई हर्डल नहीं दिखा, जिससे मैं भ्रमित हो गई। मुझे तुरंत फैसला लेना पड़ा, इसलिए दूसरी लेन की बाधा पार कर फिर अपनी लेन में लौट आई।' उन्होंने आगे कहा, 'दौड़ के बाद अधिकारियों ने बताया कि उनसे गलती हुई है। मैं निराश हूं क्योंकि मैं फाइनल में नहीं पहुंच सकी, लेकिन अब मैं क्या कर सकती हूं? आगे होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी।'

एथलेटिक्स महासंघ ने मानी मानवीय भूल

भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) के एक अधिकारी ने स्वीकार किया कि यह पूरी तरह मानवीय भूल थी। अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया, 'महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ से पहले पुरुषों की स्पर्धा हुई थी। उसके बाद महिलाओं के हिसाब से बाधाओं की ऊंचाई बदली गई। संभव है कि इसी दौरान लेन-8 में एक बाधा लगाने में चूक हो गई। ऐसी गलतियां बड़े आयोजनों में नहीं होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार हर्षिता को दोबारा दौड़ने का मौका दिया गया, लेकिन दुर्भाग्य से वह पहले जैसा समय नहीं निकाल सकीं।


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Content Editor

Ishtpreet Singh

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