टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम क्यों रही असफल? पूर्व मुख्य कोच ने बताया बड़ा कारण

punjabkesari.in Wednesday, Jan 28, 2026 - 03:53 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क: भारत के पूर्व कप्तान और पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ का मानना है कि जो भारतीय बल्लेबाज़ तीनों फ़ॉर्मेट—टेस्ट, वनडे और टी20—खेलते हैं, उन्हें लाल गेंद की स्किल्स निखारने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है। यही कारण है कि हाल के वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाज़ों की कुछ कमजोरियां उजागर हुई हैं।

घरेलू टेस्ट में गिरते नतीजे

भारत ने घरेलू टेस्ट क्रिकेट में लगातार 12 साल तक कोई सीरीज नहीं हारी, लेकिन इसके बाद पिछली तीन घरेलू सीरीज में से दो गंवा दीं। द्रविड़ के मुताबिक यह बदलाव सिर्फ फॉर्म का नहीं, बल्कि तैयारी के समय और प्रक्रिया से भी जुड़ा हुआ है।

“टेस्ट से 3–4 दिन पहले पहुंचते हैं खिलाड़ी”

बेंगलुरु में ‘द राइज़ ऑफ हिटमैन: द रोहित शर्मा स्टोरी’ किताब के लॉन्च के दौरान द्रविड़ ने कहा, 'एक कोच के तौर पर मैंने यह महसूस किया है कि तीनों फ़ॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ी लगातार एक फ़ॉर्मेट से दूसरे में स्विच करते रहते हैं। कई बार ऐसा हुआ कि हम टेस्ट मैच से सिर्फ तीन–चार दिन पहले पहुंचते थे और तब पता चलता था कि कुछ खिलाड़ियों ने आख़िरी बार लाल गेंद से चार–पांच महीने पहले खेला था।'

टेस्ट क्रिकेट के लिए चाहिए खास स्किल

द्रविड़ ने आगे कहा कि टर्निंग पिचों या सीम मूवमेंट वाली विकेटों पर घंटों बल्लेबाज़ी करना आसान नहीं होता। 'इन परिस्थितियों में खेलने के लिए खास स्किल्स चाहिए, जिन्हें विकसित करने के लिए समय जरूरी है। लेकिन मौजूदा शेड्यूल में यही सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।'

शुभमन गिल भी जता चुके हैं चिंता

भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने भी हाल ही में कहा था कि खिलाड़ियों को टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल रहा है। उन्होंने बीसीसीआई से शेड्यूल बनाते समय इस पहलू पर ध्यान देने का अनुरोध किया था। द्रविड़ ने कहा कि शुभमन ने यह बात इसलिए उठाई क्योंकि उन्होंने खुद तीनों फ़ॉर्मेट खेलने की चुनौती को महसूस किया है।

“मेरे दौर में टेस्ट की तैयारी के लिए पूरा महीना मिलता था”

द्रविड़ ने अपनी पीढ़ी से मौजूदा दौर की तुलना करते हुए कहा, 'हमारे समय में जब सिर्फ दो फ़ॉर्मेट होते थे और फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट नहीं था, तब कई बार टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए पूरा एक महीना मिलता था। अब जो खिलाड़ी तीनों फ़ॉर्मेट खेलते हैं, उन्हें लाल गेंद की प्रैक्टिस का समय ही नहीं मिल पाता।'

टी20 में भारत की ताकत का कारण

द्रविड़ ने माना कि भारत टी20 क्रिकेट में एक महाशक्ति बन चुका है। टीम इस वक्त न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में 3-0 से आगे है और टी20 वर्ल्ड कप में खिताब बचाने की प्रबल दावेदार है। उनके मुताबिक, 'टी20 में भारत की ऊंची रन गति का बड़ा कारण यह है कि बल्लेबाज़ शॉर्ट-फ़ॉर्मेट का बहुत ज़्यादा अभ्यास कर रहे हैं। आईपीएल में ढाई महीने सिर्फ हिटिंग पर काम होता है, जिससे खिलाड़ी इसमें और बेहतर बन जाते हैं।'

WTC की रेस और गेंदबाज़ों के अनुकूल पिचें

दूसरी ओर, मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) तालिका में भारत छठे स्थान पर है और 2027 फाइनल में जगह बनाने के लिए टीम को नतीजों में बड़ा सुधार करना होगा। द्रविड़ ने बल्लेबाज़ों की परेशानी के लिए परिणाम-उन्मुख पिचों को भी जिम्मेदार ठहराया।

'WTC के कारण अब हर टेस्ट जीतने का दबाव बढ़ गया है। इसी वजह से दुनिया भर में ऐसी विकेटें बन रही हैं जो गेंदबाज़ों के लिए ज़्यादा मददगार हैं। यह सिर्फ भारत में नहीं, हर जगह हो रहा है।'


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Content Editor

Ishtpreet Singh

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