रणजी ट्रॉफी फाइनल : शुभम पुंडीर के नाबाद शतक से J&K की कर्नाटक के खिलाफ दमदार शुरुआत
punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 05:59 PM (IST)
हुबली : रणजी ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन जम्मू-कश्मीर ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए कर्नाटक पर दबाव बना दिया। बाएं हाथ के बल्लेबाज शुभम पुंडीर के नाबाद शतक और युवा यावर हसन की 88 रन की बेहतरीन पारी की बदौलत टीम ने स्टंप्स तक 2 विकेट पर 284 रन बना लिए। अनुभवी कर्नाटक गेंदबाजों के सामने संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाते हुए जम्मू और कश्मीर ने अपने पहले रणजी फाइनल में मजबूत नींव रखी।
पुंडीर का शतक, समद का साथ
27 वर्षीय पुंडीर दिन का खेल खत्म होने तक 117 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने शिखर शेट्टी की गेंद पर डीप मिड-विकेट पर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया और हेलमेट उतारकर ड्रेसिंग रूम की ओर अभिवादन किया। उनके साथ अब्दुल समद 52 रन बनाकर क्रीज पर डटे रहे। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 105 रनों की अहम साझेदारी की, जिसने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
यावर हसन की परिपक्व पारी
22 वर्षीय यावर हसन ने 88 रनों की प्रभावशाली पारी खेली। उन्होंने 13 चौकों के साथ कर्नाटक के अनुभवी आक्रमण का डटकर सामना किया। पुंडीर के साथ उनकी 139 रन की साझेदारी ने बड़े स्कोर की नींव रखी। हालांकि शतक के करीब पहुंचने से पहले वे प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर स्लिप में कैच आउट हो गए। दिलचस्प बात यह रही कि दिन के दोनों विकेट स्लिप कॉर्डन में ही गिरे।
टॉस का फायदा, शुरुआती झटका
जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, जो पिच की प्रकृति को देखते हुए सही साबित हुआ। हालांकि टीम ने कमरान इकबाल (6) का विकेट जल्दी गंवा दिया। प्रसिद्ध कृष्णा की हल्की सी मूव होती गेंद पर केएल राहुल ने स्लिप में आसान कैच लपका। शुरुआती झटके के बाद पुंडीर और यावर ने पारी को संभालते हुए लंच तक स्कोर 104/1 पहुंचा दिया।
कर्नाटक की अनुशासित गेंदबाजी, लेकिन सफलता नहीं
कर्नाटक के तेज गेंदबाजों और लेग स्पिनर श्रेयस गोपाल ने सटीक लाइन-लेंथ से गेंदबाजी की, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। गोपाल, जो इस सीजन में 55 विकेट लेकर आए थे, भी प्रभाव नहीं छोड़ पाए। हालांकि बीच-बीच में गेंद बल्ले को छूती रही, लेकिन J&K के बल्लेबाजों ने धैर्य बनाए रखा। रन गति लगभग तीन रन प्रति ओवर रही, जिससे स्कोरबोर्ड लगातार चलता रहा।
चोट और रिटायर्ड हर्ट की घटना
कप्तान पारस डोगरा को प्रसिद्ध की तेज बाउंसर गर्दन पर लगी, जिसके बाद उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा। इससे टीम के लिए चिंता की स्थिति बनी, लेकिन समद के आने से संतुलन बना रहा। पुंडीर और समद ने फिर से पारी को स्थिरता दी और दिन का खेल खत्म होने तक कोई और झटका नहीं लगने दिया।
मजबूत स्थिति में जम्मू-कश्मीर
पहले दिन 284/2 का स्कोर दर्शाता है कि जम्मू-कश्मीर ने फाइनल में आत्मविश्वास से कदम रखा है। कर्नाटक जैसी आठ बार की चैंपियन टीम के खिलाफ यह प्रदर्शन टीम के आत्मबल को दर्शाता है। अब दूसरे दिन की शुरुआत में कर्नाटक की कोशिश जल्दी विकेट निकालने की होगी, जबकि J&K की नजर 400 से ऊपर का स्कोर बनाने पर रहेगी। रणजी ट्रॉफी फाइनल का यह मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है।

