न्यूजीलैंड वनडे सीरीज में नहीं मिली जगह, इस बल्लेबाज ने विजय हजारे में जड़ा रिकॉर्डतोड़ 15वां शतक
punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 03:37 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : भारत की आगामी न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के लिए टीम में जगह न मिलने के बाद महाराष्ट्र के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने अपने बल्ले से जोरदार जवाब दिया। विजय हजारे ट्रॉफी में गोवा के खिलाफ मुश्किल हालात में उतरते हुए गायकवाड़ ने शानदार शतक जड़ा और महाराष्ट्र को बड़े बल्लेबाजी संकट से बाहर निकाला। इस पारी के साथ उन्होंने टूर्नामेंट में 15वां शतक पूरा किया और विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में सर्वाधिक शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
शुरुआती झटकों से लड़खड़ाया महाराष्ट्र
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी महाराष्ट्र की शुरुआत बेहद खराब रही। पहले ही ओवर में वसुकी कौशिक ने अर्शिन कुलकर्णी और अंकित बावने को पवेलियन भेज दिया। अगले ओवर में अर्जुन तेंदुलकर ने पृथ्वी शॉ को आउट कर दिया। टीम का स्कोर 2/3 था और पिच पर बल्लेबाजी आसान नहीं लग रही थी।
इसके बाद भी संकट टलने का नाम नहीं ले रहा था। कौशिक ने 11वें ओवर में सिद्धार्थ म्हात्रे को आउट किया, जबकि सौरभ नवाले और रामकृष्णा घोष भी सस्ते में चलते बने। एक समय महाराष्ट्र का स्कोर 52/6 हो चुका था।
गायकवाड़-ओस्तवाल की अहम साझेदारी
ऐसे मुश्किल वक्त में रुतुराज गायकवाड़ ने जिम्मेदारी संभाली और विकी ओस्तवाल के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को 100 रन के पार पहुंचाया। विकेट गेंदबाजों की मदद कर रहा था, लेकिन दोनों बल्लेबाजों ने समझदारी दिखाई।
ओस्तवाल ने 53 रन की अहम पारी खेली, लेकिन 43वें ओवर में ललित यादव की गेंद पर आउट हो गए। 106 रन की इस साझेदारी के टूटने के बाद महाराष्ट्र का स्कोर 158/7 था।
अंतिम ओवरों में गायकवाड़ का कहर
इसके बाद गायकवाड़ का साथ राजवर्धन हंगरगेकर ने दिया। दोनों ने आखिरी 7 ओवरों में तेजी से रन बटोरे और टीम को 200 के पार पहुंचाया। इसी दौरान गायकवाड़ ने अपना शतक पूरा किया और विजय हजारे ट्रॉफी में सर्वाधिक शतकों के मामले में अंकित बावने की बराबरी कर ली।
विजय हजारे ट्रॉफी में सर्वाधिक शतक
अंकित बावने (महाराष्ट्र) – 15 शतक
रुतुराज गायकवाड़ (महाराष्ट्र) – 15 शतक
देवदत्त पडिक्कल (कर्नाटक) – 14 शतक
134 रन बनाकर महाराष्ट्र को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया
रुतुराज गायकवाड़ यहीं नहीं रुके। शतक के बाद भी उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाया और 131 गेंदों पर नाबाद 134 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 6 छक्के शामिल थे। हंगरगेकर ने भी 32 रन की तेज पारी खेली। महाराष्ट्र ने 50 ओवर में 249/7 का संघर्षपूर्ण स्कोर खड़ा किया।

